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झारखंड की यूनिवर्सिटी में IAS के सामने भिड़ गए प्रोफेसर और एग्जामिनेशन कंट्रोलर, देने लगे एक दूसरे को गाली, जानें क्या है पूरा मामला

by Rakesh Pandey
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जमशेदपुर : झारखंड के कोल्हान प्रमंडल में स्थित राज्य पोषित उच्च शिक्षण संस्थान में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पश्चिम सिंहभूम के चाईबासा में स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक व टीचर एसोसिएशन ऑफ कोल्हान विश्वविद्यालय (टाकू) के बीच सोमवार को विश्वविद्यालय मुख्यालय में विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी कि मामला तू-तू, मैं-मैं से गाली-गलौज और फिर एक दूसरे को धमकी देने तक पहुंच गया।
दरसअल विवि के शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय कुमार व परीक्षा नियंत्रक डॉ. अजय कुमार चौधरी के बीच एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बाद विवाद बढ़ गया। इस दौरान विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति सह कोल्हान आयुक्त IAS डॉ. हरि कुमार केसरी व रजिस्ट्रार डॉ. राजेंद्र भारती भी मौके पर मौजूद थे। दोनों पदाधिकारियों ने बीच-बचाव कर हालात को और अधिक बिगड‍़ने से रोका।
विवाद के बाद टाकू ने तत्काल परीक्षा नियंत्रक को निलंबित करने की मांग रखी है। संघ ने कहा कि परीक्षा नियंत्रक का व्यवहार आपराधिक प्रवृत्ति का है, जो बेहद खतरनाक है। ऐसे व्यक्ति को तत्काल निलंबित किया जाए, क्योंकि इससे विवि का शैक्षणिक और प्रशासनिक वातावरण खराब हो रहा है। टाकू ने संघ के सभी शिक्षकों से अपील की है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा नियंत्रक पर कोई कार्यवाही नहीं करता है, तब तक विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगें। वहीं इस घटना को लेकर टाकू ने मंगलवार को जनरल बॉडी की ऑनलाइन मीटिंग बुलाई है।

धरना के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार सोमवार को कोल्हान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ.संजय कुमार सिंह, महासचिव इंदल पासवान, टाकू के उपाध्यक्ष डॉ.जगदीश कुमार, टाकू के सचिव डॉ.संदीप कुमार चंद्रा अपनी लंबित मांगों के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय मुख्यालय में धरना दे रहे थे। इस दौरान धरनास्थल पर प्रभारी कुलपति हरि कुमार केसरी, कुलसचिव राजेंद्र भारती व परीक्षा नियंत्रक डॉ. अजय कुमार चौधरी पहुंचे। इसके बाद टाकू व विवि पदाधिकारियों के बीच वार्ता शुरू हुई। जैसे ही परीक्षा विभाग की समस्याओं पर चर्चा शुरू हुई, परीक्षा नियंत्रक और टाकू अध्यक्ष संजय कुमार के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों एक-दूसरे को गाली देने लगे। इसके बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

परीक्षा नियंत्रक कार्यालय को बदनाम करना चाह रहा केयू : परीक्षा नियंत्रक

पूरे विवि में परीक्षा नियंत्रक डॉ. अजय कुमार चौधरी ने कहा कि मैं और मेरा कार्यालय समय पर व पारदर्शी ढंग से अपना काम कर रहा है। हमें अगले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण परीक्षा परिणाम जारी करने हैं। लेकिन कुछ लोग विभाग को डिस्टर्ब करने में लगे हैं। दूसरे विभाग की गलती का ठीकरा भी मेरे ऊपर फोड़ना चाह रहे हैं। इसमें टाकू के कुछ पदाधिकारी मोहरा बन रहे हैं। सोमवार को इनका धरना प्रोन्नति को लेकर था, लेकिन मुझे देखते ही ये परीक्षा विभाग की खामियां गिनाने लगे। जब मैंने अपनी बात रखने की कोशिश की तो मुझसे अभद्रता करने लगे, जो एक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के लिए शोभा नहीं देता।

यहां बता दें कि इससे पहले टाकू ने तीन पन्ने का पत्र जारी कर परीक्षा नियंत्रक पर कई गंभीर आरोप लगाया था। इसमें परीक्षकों की मनमाने ढंग से नियुक्ति से लेकर परीक्षा की राशि जान-बूझकर रोकने का आरोप भी था। इसके जवाब में परीक्षा नियंत्रक डॉ. अजय कुमार चौधरी ने टाकू पर विवि की राजनीति का मोहरा बन उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से दोनों तरफ तनाव हो गया।
टाकू ने परीक्षा नियंत्रक पर लगाए ये आरोप

  • विवि का परीक्षा विभाग बिना ‎‎विभागाध्यक्षों से संपर्क किए ही उत्तर‎पुस्तिका मूल्यांकन के ‎लिए परीक्षकों की‎ सूची जारी कर ‎देता है। इसके अलावा परीक्षक‎ सूची बनाते समय ‎विषय विशेषज्ञता को‎ ध्यान में नहीं‎ रखा जाता।‎
  • बिना विषय विशेषज्ञता‎ जाने उत्तर ‎पुस्तिका आवंटित कर‎ दी जाती है, यह‎‎ विद्यार्थियों के भविष्य के साथ‎ खिलवाड़ है।‎‎
  • कॉलेजों के पास परीक्षा के ‎लिए भी ‎फंड नहीं‎ है।‎
  • परीक्षा विभाग द्वारा परीक्षक की ‎सूची सार्वजनिक नहीं की जाती है और न व्यक्तिगत रूप से शिक्षकों को मेल ‎किया जाता है।

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