चंडीगढ़ : पंजाब के किसानों ने एक बार फिर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब के किसान एक बार फिर से आंदोलन पर बैठ चुके हैं। इस बाबत किसान भवन में किसानों द्वारा प्रेस कांफ्रेंस की गई और सरकार को सख्त लहजे में कड़ी चेतावनी दी गई। किसान धान की खरीद मामले का हल चाहते हैं।
अनिश्चितकाल काल तक आंदोलन चल सकता है
इसी के मद्देनजर शनिवार को किसानों ने संगरुर, मोगा, बटाला और फगवाड़ा में चक्का जाम किया है। अपने एक दिवसीय आंदोलन के दौरान पंजाब के किसान विभिन्न स्थानों पर रोड भी ब्लॉक करने वाले हैं। भारतीय किसान यूनियन पंजाब के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फुल ने कहा कि दोपहर 1 बजे के बाद हम चार प्रमुख बिंदुओं पर नाकाबंदी करेंगे। किसान नेता ने कहा कि शुरूआत में संगरूर और मोगा जिलों के साथ-साथ फगवाड़ा औऱ बटाला में भी चक्का जाम किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकाल के लिए भी इसे जारी रखने की तैयारी है।
क्या चाहते हैं पंजाब के किसान
किसानों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द धान की खरीद में हो रही देरी मामले का हल निकाले। अधिकारियों ने बताया कि 1 अक्टूबर से धान की खरीद का सीजन शुरू हुआ। इस दौरान पंजाब के बाजारों में 11.10 लाख टन धान पहुंचा, लेकिन सीजन के पहले 15 दिन में केवल 10 प्रतिशत धान को ही खरीद एजेंसियों ने उठाया है। इससे पता चलता है कि धान की बंपर फसल की खरीदी धीमी गति से चल रही है।
पंजाब के सीएम चाहते हैं केंद्र की दखल
स्थिति को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि धान की खरीद के लिए जरूरी कदम उठाएं और सहायता प्रदान करें। इस मामले में दिल्ली में बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी, खाद्य राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने की।
राकेश टिकैत ने कहा….
किसानों का प्रदर्शन धान की खरीद मामले के साथ-साथ पराली जलाने पर लगाए जा रहे जुर्माने को लेकर भी है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पराली जलाने के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार को किसानों को बताना चाहिए कि उन्हें पराली के संबंध में क्या करना चाहिए।
सरकार बिना पराली के गेहूं उगाने की तकनीक बताए
टिकैत ने कहा कि पराली जलाने पर सरकार कार्रवाई कर रही है औऱ हरियाणा में अगर कोई किसान पराली जलाता है, तो उसकी उपज दो साल तक मंडी में नहीं बिकेगी। लेकिन सरकार मुझे उस तकनीक के बारे में बताए, जिससे बिना पराली जलाए गेहूं उगाया जा सकता है। अब तक विरोध प्रदर्शन केवल पंजाब के किसानों द्वारा किया जा रहा है।
बता दें कि 21 अक्टूबर को पंजाब के किसानों ने सरकार से पराली जलाने के संबंध में स्थायी समाधान खोजने का आग्रह किया था और कहा था कि पराली जलाना उनकी मजबूरी है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आप सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों के मामले में सरकार विफल रही है। उल्टा सरकार किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है।

