Ramgarh : रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने राहुल दुबे गैंग पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारों के साथ छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी 5 जनवरी को व्यवसायी डब्बू सिंह के आवास पर की गई फायरिंग की घटना में शामिल थे। यह वारदात रंगदारी वसूली के इरादे से की गई थी।
इस संबंध में बुधवार को एसपी अजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अपराधियों ने घटना के बाद धमकी भरा पर्चा भी छोड़ा था, जिसके आधार पर मांडू थाना में कांड दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने राहुल दुबे गिरोह से जुड़े छह अपराधियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों में ट्रांसपोर्ट नगर कुजू निवासी नकुल कुमार चौहान उर्फ बिजली, राज कुमार करमाली उर्फ राज विश्वकर्मा, बनवार तोपा कोलियरी निवासी मुकेश करमाली, डुमरदगा (रांची) निवासी रंजीत साव उर्फ रंजन कुमार, उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला अंतर्गत रतासीन निवासी जयेशपाल तथा आहोपुर निवासी सन्नी सिंह उर्फ आशुतोष सिंह शामिल हैं।
पुलिस ने इनके पास से दो देशी पिस्तौल, एक देसी कट्टा, 7.65 एमएम के 19, 9 एमएम के 21 और 9.5 एमएम के 2 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा 8 मोबाइल फोन और एक यामाहा आर-15 मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
राहुल दुबे और सत्यम के इशारे पर हुई थी फायरिंग
एसपी अजय कुमार ने बताया कि एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी और गहन जांच के बाद खुलासा किया कि यह फायरिंग राहुल दुबे और सत्यम शुक्ला उर्फ आशीष शुक्ला के निर्देश पर की गई थी। डब्बू सिंह द्वारा रंगदारी की रकम नहीं देने पर यह हमला किया गया और धमकी का पर्चा छोड़ा गया।
रांची के बड़े व्यवसायी की हत्या की साजिश नाकाम
एसपी ने बताया कि राहुल दुबे और सत्यम शुक्ला ने रांची के एक बड़े व्यवसायी की हत्या के लिए उत्तर प्रदेश के दो शार्प शूटरों को सुपारी दी थी। पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस भी दिए जा चुके थे। समय रहते पुलिस की कार्रवाई से यह बड़ी आपराधिक साजिश विफल हो गई।
इस कार्रवाई से रामगढ़ और आसपास के इलाकों में सक्रिय संगठित अपराध गिरोह को करारा झटका लगा है। एसआईटी टीम में एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद, मांडू सर्किल इंस्पेक्टर रजत कुमार, कुजू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह, बेस्ट बोकारो ओपी प्रभारी दीपक कुमार, मांडू थाना प्रभारी सदानंद कुमार, सब इंस्पेक्टर ओमकार पाल समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

