रांची : चैत्र नवरात्र 30 मार्च से शुरू हो रहे हैं, और रामनवमी इस बार 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे भगवान श्रीराम के जन्म के दिन के रूप में मनाया जाता है। पंडित मनोज पांडेय ने मंगलवार को बताया कि 5 अप्रैल को रात 12:50 बजे नवमी तिथि का प्रवेश होगा, और 6 अप्रैल को रात 11:15 बजे नवमी तिथि समाप्त होगी।
विशेष संयोग और पूजा के समय
रामनवमी के दिन पुष्य नक्षत्र सुबह 9:42 बजे प्रवेश करेगा। इसके साथ ही दोपहर 2:16 बजे तक कर्क लग्न रहेगा। पंडित पांडेय ने कहा कि इस समय में भगवान राम की पूजा करना अत्यधिक शुभ फलदायक है। खासकर इस दिन पुष्य नक्षत्र, लक्ष्मी नारायण और सुकर्मा योग के संयोग में रामनवमी मनाई जाएगी, जिसे बहुत शुभ माना जाता है।
रामनवमी का महत्व
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, और इसी दिन श्रीरामनवमी का त्यौहार मनाया जाता है। यह पर्व हर वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, और भक्तगण भगवान राम के जन्म की खुशी में भव्य पूजा-अर्चना करते हैं।

