Jharkhand Women Safety : रांची : झारखंड पुलिस द्वारा जारी आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। राजधानी रांची में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 10 महीनों में दुष्कर्म के हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इतना ही नहीं, इन 10 महीनों के दौरान दहेज हत्या, दहेज प्रताड़ना, छेड़खानी और अपहरण जैसे मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि राजधानी रांची महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रह गई है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच 168 महिलाएं दुष्कर्म की शिकार हुईं। हालांकि ये आंकड़े दुष्कर्म के साथ-साथ शादी का झांसा देकर यौन शोषण से भी जुड़े हैं।
राजधानी को सुरक्षित और सेफ बताने वाले दावों पर इन आंकड़ों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के दावे करती है, दूसरी ओर मनचले सभी दावे को हवा-हवाई साबित कर दे रहे हैं। रांची अब क्राइम कैपिटल बनती दिख रही है। देखा जाए तो औसतन हर दिन एक महिला की अस्मत लुट रही है।
Ranchi Police Report : 10 महीनों में महिलाओं के खिलाफ दर्ज केस
| क्रम संख्या | अपराध का प्रकार | मामलों की संख्या |
|---|---|---|
| 1 | दुष्कर्म | 168 |
| 2 | अपहरण | 157 |
| 3 | छेड़खानी | 95 |
| 4 | दहेज हत्या | 07 |
| 5 | दहेज प्रताड़ना | 90 |
जून में महिलाओं पर अधिक हुआ जुर्म
जनवरी 2025 में दुष्कर्म के 12, अपहरण के 21, छेड़खानी के 9 और दहेज प्रताड़ना के 11 मामले दर्ज किए गए। फरवरी में स्थिति और गंभीर हो गई, जब दुष्कर्म के 23, अपहरण के 16, छेड़खानी के 11, दहेज प्रताड़ना के 8, मामले सामने आए। मार्च में भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कोई खास कमी नहीं आई। इस महीने दुष्कर्म के 22, अपहरण के 15, छेड़खानी के 12 और दहेज प्रताड़ना के 8 मामले दर्ज हुए।
अप्रैल में दुष्कर्म के मामलों में कुछ गिरावट
आई और यह संख्या 8 रही, लेकिन अपहरण के 19 और छेड़खानी के 12 और दहेज प्रताड़ना के 8 मामलों ने चिंता बढ़ाई। मई में फिर से दुष्कर्म के मामले बढ़कर 21 हो गए। इस दौरान अपहरण के 14, छेड़खानी के 13 और दहेज प्रताड़ना के 9 मामले दर्ज किए गए। जून 2025 महिलाओं के लिए सबसे भयावह महीना साबित हुआ, जब दुष्कर्म के 26 मामले सामने आए, जो पूरे 10 महीनों में सबसे अधिक हैं। इसी महीने अपहरण के 10, छेड़खानी के 6, दहेज हत्या का एक मामला और दहेज प्रताड़ना के 12 मामले दर्ज किए गए।
सितंबर में दुष्कर्म के मामलों में गिरावट, अक्टूबर में तेजी
जुलाई में दुष्कर्म के 24, अपहरण के 19 और छेड़खानी के 12 मामले सामने आए, साथ ही दहेज हत्या के दो मामले भी दर्ज हुए। वहीं दहेज प्रताड़ना के 11 मामले दर्ज किए गए। अगस्त में दुष्कर्म के 10, अपहरण के 13 और छेड़खानी के 10, दहेज हत्या के एक और दहेज प्रताड़ना के 6 मामले दर्ज किए गए। सितंबर में दुष्कर्म के मामलों में गिरावट आई और यह संख्या 6 रही, लेकिन अपहरण के 17, छेड़खानी के 8, दहेज हत्या के 2 और दहेज प्रताड़ना के 10 मामलों ने स्थिति को गंभीर बनाए रखा। अक्टूबर में एक बार फिर दुष्कर्म के 16, अपहरण के 13, छेड़खानी के 2, दहेज हत्या के 1 और दहेज प्रताड़ना के 7 मामले सामने आए।
वर्जन
घटनाओं को लेकर मामले दर्ज हो रहे हैं। दर्ज मामलों का पुलिस लगातार खुलासा कर रही है। अपराधियों को जेल भी भेजा जा रहा है। क्राइम रोकने के लिए पुलिस हमेशा तत्पर रहती है। 2025 में कई कुख्यात अपराधियों को पुलिस ने जेल भेजा है। 2026 में कार्रवाई में और तेजी लाई जाएगी।
राकेश रंजन, एसएसपी, रांची।

