Ranchi Crime News : रांची : झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों भगवान भरोसे चल रही है। आए दिन शहर में हत्या, गैंगवार, अपहरण, रेप, गोलीबारी, चोरी जैसे गंभीर अपराध सामने आ रहे हैं। बढ़ते अपराध के बीच लोगों की सुरक्षा को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है। प्रमुख चौक-चौराहों पर रात के समय पुलिस का एक जवान तक नजर नहीं आता है। चौक-चौराहों पर जगह-जगह पुलिस ने बैरिकेडिंग तो कर रखी है, लेकिन पुलिस की तैनाती नहीं हैं। 12 फरवरी की देर रात रांची एसएसपी राकेश रंजन शहर के दौरे पर निकले थे। इस दौरान उन्होंने साफ कहा था कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है और रातभर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आई।


समय : तड़के 3:21
द फोटोन न्यूज के क्राइम रिपोर्टर ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात शहर के विभिन्न चौक-चौराहों का मुआयना किया। इस दौरान देखा गया कि शहर के सभी चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग तो है, लेकिन इक्का-दुक्का जगह पर ही पुलिस नजर आई।

समय : तड़के 3:21
आधी रात के बाद रेडिसन ब्लू से लेकर फिरायालाल चौक, हरमू चौक से रातू रोड चौक, मौलाना आजाद कॉलोनी से नामकुम, सदाबहार चौक से लेकर पुराने हाईकोर्ट, पटेल चौक से बहुबाजार चौक तक पुलिस का एक जवान तक तैनात नहीं मिला। न ही थाने की गश्ती गाड़ी दिखाई पड़ी, न ही कोई पीसीआर वाहन। ऐसे में ये कहना सही होगा कि रांची की सुरक्षा व्यवस्था भगवान के भरोसे चल रही है।

डोरंडा में सोते दिखे पीसीआर जवान
कचहरी चैक से पहले और कांटाटोली चौक पर सिर्फ पीसीआर तैनात दिखी। डोरंडा थाना क्षेत्र के मेकॉन लिमिटेड के बगल में एक पीसीआर का वाहन नजर आया, लेकिन यहां पीसीआर में तैनात जवान सोते दिखाई दिए। यहां से कडरू रोड तक भी पुलिस का कोई जवान नजर नहीं आया। कडरू रोड पर आगे बढ़ने पर हज हाउस के पास पीसीआर का एक वाहन तैनात दिखा।

समय: तड़के 3:19
यहां से आगे बढ़ने पर अशोक नगर रोड नंबर दो के पास देर रात बीच सड़क पर र्इंट की डंपिंग दिखाई पड़ी, जो संभावित हादसे को न्योता दे रही थी। इसके बाद सीधे अरगोड़ा चौक पर पुलिस का वाहन खड़ा देखा गया। रातभर शहर में कहीं भी पुलिस गश्ती करती दिखाई नहीं दी।

समय : रात 2:00
देर रात बंद मिले लोअर बाजार और अरगोड़ा थाने के गेट
देर रात लोअर बाजार और अरगोड़ा थाने में भारी लापरवाही देखी गई। दोनों थाने के गेट रात में बंद मिले। यहां सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगर देर रात कोई अनहोनी हो जाती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। अगर कोई पीड़ित रात में शिकायत लेकर थाना पहुंचा और वहां उसे थाना का गेट बंद मिला तो वह फिर कहां जाएगा। लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस के दावे हवा-हवाई नजर आते हैं।

समय : रात 2:18
जगह-जगह सिर्फ बैरिकेडिंग, पुलिस की तैनाती नहीं
रांची में रेडिसन ब्लू से लेकर फिरायालाल चौक तक आठ चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई है, लेकिन कहीं भी पुलिस का एक जवान तैनात नहीं मिला। कडरू ओवरब्रिज से लेकर भारत किचन हाउस तक पुलिस कहीं नजर नहीं आई। कडरू से लेकर सहजानंद चौक तक भी गश्ती वाहन कहीं दिखाई नहीं पड़ा। यहां से किशोरगंज और रातू रोड चौक तक भी पुलिस कहीं पेट्रोलिंग करती नजर नहीं आई। कचहरी चौक और लालपुर तक भी गश्ती की कोई गाड़ी नजर नहीं आई। सिरमटोली चौक होते हुए कांटाटोली चौक पहुंचने पर पीसीआर में पुलिसकर्मी दिखे। लेकिन फिर नामकुम, सदाबहार चौक से लेकर डोरंडा तक पुलिस का एक जवान भी नजर नहीं आया।

समय : 2:19
Ranchi Night Checking : रात में सो रही रांची पुलिस, सुरक्षा के दावे हवा-हवाई
राजधानी के लोगों की सुरक्षा रांची पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस सुरक्षा के कई दावे करती है, लेकिन सब हवा-हवाई है। रात में सो रहे लोगों की, उनके घरों की हिफाजत करना छोड़ पुलिस खुद गहरी नींद में सोती है। ऐसे में अपराध पर लगाम लगाना भी मुश्किल नजर आता है। पिछले एक साल में रांची के क्राइम रेट में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
एक साल में जगन्य अपराध के आंकड़े

समय 2:32
स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) के आंकड़े भयावह हैं। रांची में जनवरी 2025 लेकर अक्टूबर 2025 तक हत्या के 115, अपहरण के 161, दुष्कर्म के 170, डकैती के 4, लूट के 54, गृहभेदन के 346, चोरी के 1631, दंगा के 14, आर्म्स एक्ट के 63, नक्सल गतिविधियों के 18 और विभिन्न अपराध के 4506 मामले दर्ज किए गए हैं। दर्ज आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि अपराधी पुलिस को छकाने में लगे हैं। पुलिस की सक्रियता घटना के बाद ही नजर आती है।
वर्जन

रात में पुलिस को जगह-जगह तैनात रहने के लिए और इलाकों में गश्ती करने के लिए निर्देश दिया गया है। अगर इसकी अनदेखी की जा रही है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। थाना का गेट भी बंद नहीं रखा जाना चाहिए, अगर इसमें भी लापरवाही बरती गई है तो लोअर बाजार और अरगोड़ा थाना के जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
पारस राणा, एसपी, सिटी।

पीसीआर में तैनात जवानों को रात्रि गश्ती के निर्देश हैं। अगर इसकी अनदेखी की गई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
राकेश सिंह, एसपी, ट्रैफिक।

