RANCHI: रांची वन मंडल में तत्कालीन डीएफओ रहे आईएफएस अधिकारी राजीव लोचन बख्शी के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता, प्रशासनिक कदाचार और राजकोष की लूट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक विस्तृत शिकायत राज्यपाल को सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट में 95 मस्टर रोल्स की जांच में करीब 1.03 करोड़ रुपये के संदिग्ध भुगतान का खुलासा हुआ है। इन दस्तावेजों में मजदूरों के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान नहीं हैं और व्हाइटनर-इरेजर से छेड़छाड़ के प्रमाण मिले हैं। भुगतान नकद दिखाया गया जो नियमों का उल्लंघन है।
इसके अलावा ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में वन भूमि अपयोजन के प्रस्ताव को नियम विरुद्ध आठ हिस्सों में बांटकर डीएफओ स्तर से स्वीकृति देने का आरोप है, जिससे सरकार को करीब 46 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। कंपा मद के 8.53 करोड़ रुपये के अग्रिम का हिसाब भी ऑडिट टीम को नहीं दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 1.80 करोड़ रुपये की सामग्री खरीद के मूल वाउचर प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे संबंधित 5.45 करोड़ रुपये की मजदूरी को भी फर्जी बताया जा रहा है।

