
रांची : 30 नवंबर 2025 को झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच की टिकट बिक्री और कॉम्प्लीमेंट्री पास के वितरण में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जेएससीए के लाइफ मेंबर डॉ. श्याम बहादुर सिंह ने 30 अगस्त को रांची के एसएसपी को शिकायत देकर मामले में FIR दर्ज कर स्वतंत्र जांच की मांग की है। शिकायत में जेएससीए के मानद सचिव सौरभ तिवारी, कोषाध्यक्ष अमिताभ घोष और उपाध्यक्ष- सह–टिकटिंग प्रभारी संजय पांडे समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि जेएससीए स्टेडियम की करीब 39,500 दर्शकों की क्षमता के मुकाबले मैच में निर्धारित सीमा से लगभग 25 प्रतिशत अधिक कॉम्प्लीमेंट्री पास जारी किए गए। शिकायत के अनुसार, BCCI और JSCA के नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय मैचों में प्रत्येक श्रेणी की कम से कम 90 प्रतिशत सीटें पारदर्शी टिकटिंग व्यवस्था से आम लोगों के लिए उपलब्ध होनी चाहिए, जबकि कॉम्प्लीमेंट्री पास कुल क्षमता के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए। आरोप है कि वास्तविकता में केवल करीब 56 प्रतिशत टिकट ही जनता को बेचे गए।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अतिरिक्त कॉम्प्लीमेंट्री पास के कारण JSCA को करोड़ों रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हुआ। साथ ही HEC को मिलने वाली गेट मनी में 10 लाख रुपये से अधिक की कमी तथा GST राजस्व में भी संभावित नुकसान की आशंका जताई गई है।
डॉ. सिंह ने टिकट बिक्री, पास वितरण, बैंक रिकॉर्ड, GST रिटर्न, भुगतान गेटवे ट्रांजेक्शन, QR/ बारकोड स्कैनिंग डेटा, सर्वर लॉग और गेट मनी रिकॉर्ड जब्त कर फोरेंसिक मिलान कराने की मांग की है। शिकायत में आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, रिकॉर्ड में हेरफेर और आपराधिक षड्यंत्र समेत अन्य संभावित अपराधों की जांच का अनुरोध किया गया है।
शिकायतकर्ता ने BNSS की धारा 173 के तहत FIR दर्ज कर स्वतंत्र, फोरेंसिक और समयबद्ध जांच की मांग की है। शिकायत की प्रतियां झारखंड पुलिस मुख्यालय, BCCI/JSCA ओम्बड्समैन, HEC और GST अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
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