रांची : राजधानी रांची में कोतवाली थाना इलाके के कचहरी चौक पर किन्नरों के साथ मारपीट के बाद शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ चुका है। इस मामले के आरोपियों पर पुलिस द्वारा फायरिंग करने मामले में घायल इश्तियाक के भाई इरशाद अंसारी ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए न्याय की मांग की है। इस मामले में मांडर थाना क्षेत्र के बास्की गांव में हुई गोलीबारी की घटना को कथित फर्जी एनकाउंटर बताते हुए इरशाद अंसारी ने क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है। इसकी फाइलिंग नंबर 4468/2026 है।
इस याचिका के जरिए पूरे प्रकरण की कोर्ट की निगरानी में एसआइटी गठित कर निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है। इस रिट में गृह सचिव, डीजीपी, एसएसपी रांची के अलावा फायरिंग में शामिल डीएसपी प्रकाश सोय, डीएसपी दुसरू बान सिंह, कोतवाली इंस्पेक्टर रवि कुमार व हवलदार प्रमोद भगत को प्रतिवादी बनाया गया है।
दोनों मामलों की परिस्थितियों लगभग समान
याचिका में कहा गया है कि कचहरी चौक से लेकर मांडर में हुई गोलीबारी की घटना को लेकर मांडर थाना कांड संख्या 08/2026 और कोतवाली थाना कांड संख्या 30/2026 दर्ज किया गया है। दोनों केस का हवाला देते हुए कहा गया है कि दोनों मामलों की घटनास्थल और परिस्थितियां लगभग एक जैसी हैं। पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी में दावा किया गया है कि काले रंग की बोलेरो (वाहन संख्या जेएच01एफडी 5302) से भाग रहे आरोपियों को रोकने के लिए टायर को निशाना बनाकर 11 राउंड फायरिंग की गई।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए पूरे घटनाक्रम को तोड़-मरोड़ कर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
लूट लिया गया था मोबाइल
याचिका के अनुसार, कचहरी चौक पर किन्नरों और कुछ युवकों द्वारा गुफरान अंसारी और इश्तियाक अंसारी के साथ मारपीट की गई थी तथा उनका मोबाइल लूट लिया गया था। मोबाइल वापस लेने के प्रयास में दोनों युवक वाहन से घूमते रहे, इसी दौरान पुलिस पीछा करती रही। सुबह करीब छह बजे मांडर के बास्की गांव पहुंचकर दोनों युवक वाहन रोककर खड़े थे और उन्हें किसी खतरे की आशंका नहीं थी। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंची और चारों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
आरोप है कि पुलिस के द्वारा जान मारने की नीयत से फायरिंग की गई। इसमें इश्तियाक अंसारी के कंधे में गोली लगी, जो गले के पास जाकर फंस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और वर्तमान में जीवन और मृत्यु के बीच मेडिका अस्पताल में संघर्ष कर रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दाखिल रिट के जरिए यह भी कहा है कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार केवल न्यायालय को है न कि पुलिस को कानून हाथ में लेकर जान लेने या जानलेवा फायरिंग करने का।
परिजनों के खर्च से चल रहा इलाज
याचिका के अनुसार, घायल इश्तियाक अंसारी का इलाज रांची के मेडिका अस्पताल में चल रहा है, लेकिन इलाज का पूरा खर्च परिजन स्वयं उठा रहे हैं। अब तक इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की सहायता नहीं दी गई है, जबकि प्राथमिकी में इश्तियाक को गिरफ्तार बताया गया है।

