RANCHI: राजधानी रांची में मीट के कारोबार से जुड़े दुकानदारों पर फूड सेफ्टी विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। नियमों का पालन नहीं करने पर शहर के करीब 30 मीट दुकानों को नोटिस जारी किया गया है। ये लोग नियमों को ताक पर रख कारोबार कर रहे हैं। विभाग कि ओर से मिली जानकारी के अनुसार कई दुकानदार नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बिना ही कारोबार कर रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है।

बिना लाइसेंस दुकान का संचालन
फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ पवन कुमार ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि शहर में बड़ी संख्या में मीट दुकानों का संचालन बिना लाइसेंस और स्वच्छता मानकों के हो रहा है। विभाग के अनुसार अब तक लगभग 150 दुकानदारों ने ही मटन बिक्री के लिए लाइसेंस लिया है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नोटिस के बाद 14 दिनों के भीतर नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
वेस्ट डिस्पोजल की व्यवस्था
उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी विभाग ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे लाइसेंस लेने के साथ-साथ दुकान में हाइजीन सुनिश्चित करें। इसके तहत मीट डिस्प्ले के लिए पर्दे की व्यवस्था (काला शीशा) करना है। इसके अलावा कचरा और वेस्ट के प्रॉपर डिस्पोजल की व्यवस्था अनिवार्य है। अधिकारियों ने बताया कि इन नियमों का मकसद उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और शहर में स्वच्छ वातावरण रखना है।
2000 है लाइसेंस फीस
मटन की छोटी दुकानों के लिए सालाना शुल्क 100 रुपये निर्धारित है, जबकि बड़ी दुकानों के लिए यह शुल्क 2000 रुपये रखा गया है। इसके बावजूद कई दुकानदार लाइसेंस लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिससे विभाग ने सख्ती का रुख अपनाया है। वहीं, रांची नगर निगम से एनओसी लिए बिना संचालन करने वाले दुकानदारों की भी निगरानी की जा रही है। विभाग ने ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान शुरू कर दी है।

