RANCHI: रांची नगर निगम ने शहर के प्रमुख जलस्रोतों के किनारे हो रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद निगम ने हरमू नदी और बड़ा तालाब सहित अन्य जलस्रोतों के आसपास जमीन की नापी और उसे चिह्नित करने का काम तेज कर दिया है। अब अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर चलेगा। प्रशासक सुशांत गौरव ने बताया कि जल्द ही अन्य जगहों पर मापी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अब जलस्रोतों के किनारे अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपनी जमीन की कर रहा घेराबंदी
शहर के डेवलपमेंट के लिए पहले तो नगर निगम अपनी जमीन ढूंढकर उसकी घेराबंदी करा रहा है। अवैध कब्जा वालों को नोटिस भी थमाया गया है कि वे जगह को खाली कर दें। अब जलस्रोतों के किनारे अवैध रूप से कब्जा जमाने वालों को भी नोटिस दिया जाएगा। चिह्नित करने का काम पूरा होने के बाद अवैध कब्जाधारियों को नोटिस जारी करते हुए खाली करने का समय दिया जाएगा। कई लोगों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं, जिनमें निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी।
स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जलस्रोतों के किनारे बने अवैध निर्माण को हटाने की जरूरत है। इसी के तहत नगर निगम को अतिक्रमण हटाने और जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया गया है। आदेश का पालन करते हुए निगम ने कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली है। प्रशासक ने कहा कि नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, तो बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लें, ताकि किसी तरह की सख्त कार्रवाई से बचा जा सके। इससे लोगों का समय भी बचेगा और सामान भी।
डैम से भी हटेगा अतिक्रमण
कोर्ट ने राज्य के सभी जिलों को जलस्रोतों से अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्रवाई करने, अतिक्रमण हटाने के बाद वहां फिर से कोई अतिक्रमण न होने, जलस्रोतों में ठोस कचरा जाने से रोकने आदि के संबंध में दिशा निर्देश दिया था। जलस्रोतों के संरक्षण को लेकर टास्क फोर्स गठित कर स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी थी। कोर्ट को बताया गया था कि रांची के बड़ा तालाब की सफाई सही ढंग से नहीं हो पा रही है। न्याय मित्र ने कहा था कि रांची के कांके डैम, धुर्वा डैम एवं गेतलसूद डैम में अतिक्रमण किया गया है। सरकार पूर्व के आदेशों का अनुपालन नहीं कर रही है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि जलस्रोतों से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर अवमानना का केस चलेगा।

