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RANCHI MUNICIPAL CORPORATION: रांची निगम में प्रशासक व अधिकारियों ने की बैठक, अब राजधानी में थर्ड जेंडर के लिए बनेगा शेल्टर होम

शहर में जल संकट, बैंक्वेट लाइसेंस और आश्रय गृहों की समीक्षा की

by Vivek Sharma
RANCHI: रांची निगम ने जल संकट, विवाह भवन, आश्रय गृहों की समीक्षा की, स्मार्ट प्लान और नियमों के अनुरूप सुधार व नई तैयारियाँ शुरू की।
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RANCHI: रांची नगर निगम में शुक्रवार को प्रशासक सुशांत गौरव ने अलग-अलग विभागों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गर्मी में जल संकट, बैंक्वेट-लॉज के लाइसेंस और शहर में चल रहे शेल्टर होम को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान रांची में थर्ड जेंडर के लिए अलग शेल्टर होम के निर्माण को लेकर योजना बनाने का निर्देश दिया गया। इस शेल्टर होम में अन्य लोगों को एंट्री नहीं मिलेगी।

जल संकट से निपटने को समर एक्शन प्लान

गर्मी को देखते हुए संभावित जल संकट से निपटने के लिए रांची नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासक ने जलापूर्ति शाखा के अधिकारियों और कर्मियों के साथ शहर की वाटर सप्लाई स्कीम की स्थिति और सुधारात्मक कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समर एक्शन प्लान तैयार किया जाए। जिससे कि गर्मियों में लोगों नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने निगम के 181 एचवाईडीटी और 1611 मिनी एचवाईडीटी सहित अन्य जल उपकरणों पर नंबरिंग और हेल्पलाइन नंबर लिखवाने का निर्देश दिया। साथ ही वाटर टैंकरों के संचालन के लिए शहर के 53 वार्डों में बीट प्लान बनाकर ड्राई जोन को प्राथमिकता देने को कहा गया। उन्होंने कहा कि सभी संसाधनों का मास्टर डेटा तैयार किया जाए। इसके साथ नियमित वाटर क्वालिटी टेस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

7 का आवेदन हुआ रिजेक्ट

नगर निगम ने धर्मशाला, विवाह भवन, बैंक्वेट हॉल, लॉज और हॉस्टलों के लाइसेंस की समीक्षा की। इस दौरान कुल 10 आवेदन में से 3 को आवश्यक शर्तों के अधीन लाइसेंस दिया गया। वहीं 7 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। जिसमें ये बताया गया कि बिल्डिंग प्लान की स्वीकृति न होना, पार्किंग व्यवस्था का अभाव और रेसिडेंशियल एरिया में संचालन शामिल है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना के संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और सभी संचालकों को सुरक्षा उपकरण, पार्किंग और सीसीटीवी सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इसके लिए 15 मार्च तक का समय दिया गया है। इसके बाद संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जर्जर आश्रय गृह हटाने का निर्देश

प्रशासक ने आश्रय गृहों की व्यवस्था और नए निर्माण प्रस्तावों की समीक्षा की। सभी संचालित आश्रय गृहों का क्वालिटी ऑडिट कराने, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नए आश्रय गृहों के निर्माण के लिए उचित स्थल चयन का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से तीसरे लिंग के लिए नागा बाबा खटाल में नया आश्रय गृह बनाने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, आईटीआई बस स्टैंड, एजी मोड़ और कर्बला चौक स्थित जर्जर आश्रय गृह हटाने और अवैध कब्जों को हटाकर जन-उपयोगी कार्यों के लिए विकसित करने का निर्णय लिया गया।

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