Ranchi News : झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले (Jharkhand Liquor Scam) में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई तेज करते हुए सोमवार को छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख शराब आपूर्ति कंपनी श्री ओम साईं ब्रिवरीज प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ़्तार किए गए निदेशकों के नाम अतुल कुमार सिंह और मुकेश मनचंदा हैं, जो छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।एसीबी ने दोनों निदेशकों को पूछताछ के लिए रांची बुलाया था। सोमवार की देर शाम लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को इन्हें एसीबी की विशेष अदालत, रांची में पेश किया जाएगा। इन गिरफ्तारियों के साथ ही घोटाले में अब तक कुल दस लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।
Ranchi News : कैसे खुली परतें?
सिद्धार्थ सिंघानिया से जुड़ा लिंकशराब घोटाले की जड़ें मई 2022 में लागू हुई नई उत्पाद नीति से जुड़ी हैं, जब झारखंड के तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया ने झारखंड में एंट्री ली। उसने न केवल उत्पाद नीति में अपने अनुसार बदलाव करवाए, बल्कि छत्तीसगढ़ की कंपनियों को झारखंड में प्रवेश दिलाया।इन्हीं कंपनियों में शामिल थी श्री ओम साईं ब्रिवरीज प्राइवेट लिमिटेड, जिसने झारखंड में भी नियमों को ताक पर रखकर शराब की आपूर्ति की और अधिकारियों को कमीशन देकर लाभ उठाया।
अब तक ये 10 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
1.विनय कुमार चौबे – पूर्व प्रधान सचिव, उत्पाद विभाग
2. गजेंद्र सिंह – संयुक्त आयुक्त, उत्पाद
3. सुधीर कुमार दास – पूर्व महाप्रबंधक (वित्त)
4. सुधीर कुमार – पूर्व जीएम (वित्त व अभियान)
5. नीरज कुमार सिंह – मार्शन एजेंसी के प्रतिनिधि
6. अमित प्रकाश – पूर्व उत्पाद आयुक्त
7. सिद्धार्थ सिंघानिया – छत्तीसगढ़ का शराब कारोबारी
8. विधु गुप्ता – प्रिज्म होलोग्राफी के एमडी
9. अतुल कुमार सिंह – श्री ओम साईं ब्रिवरीज के निदेशक
10. मुकेश मनचंदा – श्री ओम साईं ब्रिवरीज के निदेशक
इनमें सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में बंद हैं।-
आगे और गिरफ्तारियां संभावित
एसीबी का मानना है कि पूछताछ में कई और नाम उजागर होंगे, जो इस घोटाले से सीधे तौर पर जुड़े हैं। गिरफ्तार निदेशकों के जरिए राजनीतिक और प्रशासनिक मिलीभगत की परतें और भी खुल सकती हैं।
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