RANCHI: राजधानी के दूसरे सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सदर हॉस्पिटल में अब अत्याधुनिक पेट सीटी स्कैन मशीन लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी टेंडर में एजेंसी को फाइनल कर लिया गया है। हॉस्पिटल में पहले से रेडियोलॉजी टेस्ट कर रही एजेंसी कृष्णा डायग्नोस्टिक को काम देने की तैयारी है। वर्क ऑर्डर जारी होते ही परिसर में इस हाईटेक सेंटर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि हॉस्पिटल में ये मशीन लग जाने से कैंसर मरीजों के लिए लाइफलाइन साबित होगी।
देशभर का पहला डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल
यह पहल इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि जिला स्तर पर यह देश का पहला सरकारी अस्पताल होगा, जहां पेट सीटी स्कैन जैसी हाईटेक मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। मशीन का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर किया जाएगा, जिससे इसकी सेवाएं बेहतर और व्यवस्थित तरीके से मरीजों तक पहुंच सकेगी।

रांची में ही होगा टेस्ट
पेट सीटी स्कैन मशीन मुख्य रूप से कैंसर की जांच में उपयोगी होता है। इससे कैंसर के स्टेज, शरीर में उसके फैलाव और इलाज की प्रभावशीलता का सटीक आकलन किया जाता है। अभी तक इस जांच के लिए मरीजों को प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटरों या दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। लेकिन अब मरीजों को रांची में ही टेस्टिंग की सुविधा मिलने लगेगी।
मरीजों की जेब पर राहत
प्राइवेट लैब्स में पूरे शरीर का पेट सीटी स्कैन कराने में 18,000 से 24,000 रुपये तक खर्च आता है। ये आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए काफी ज्यादा होता है। खासकर कैंसर मरीजों को हर तीन से छह महीने में यह जांच करानी पड़ती है, जिससे जेब पर खर्च और बढ़ जाता है। सदर अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को कम लागत में जांच उपलब्ध हो सकेगी, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
कई बीमारियों की पहचान भी संभव
हालांकि पेट सीटी स्कैन स्कैन का सबसे ज्यादा उपयोग कैंसर के लिए होता है, लेकिन यह तकनीक न्यूरोलॉजिकल और हार्ट से जुड़ी बीमारियों की पहचान में भी बेहद कारगर साबित होती है। इससे डॉक्टरों को मरीज की बीमारी की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे इलाज की बेहतर योजना बनाई जा सकती है।
अब तक सरकारी अस्पतालों में नहीं थी सुविधा
अब तक सरकारी क्षेत्र के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटलों या बड़े अस्पतालों में इस तरह की उन्नत सुविधा उपलब्ध नहीं थी। मरीजों को मजबूरी में प्राइवेट संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। रांची के सदर हॉस्पिटल में पेट सीटी स्कैन मशीन लगने से न केवल झारखंड के मरीजों को लाभ मिलेगा, बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीज भी इसका फायदा उठा सकेंगे। हालांकि आसपास के राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए रांची पहुंच रहे है। ऐसे में बाहर के मरीज भी यहां पर बेहतर इलाज पा सकेंगे।
मजबूत होगा राज्य का स्वास्थ्य ढांचा
एक्सपर्ट्स की माने तो इस तरह की हाईटेक मेडिकल सुविधा सरकारी अस्पताल में शुरू होने से राज्य का स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा। झारखंड लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव से जूझ रहा है, ऐसे में यह पहल एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। चूंकि सदर हॉस्पिटल को रेडियोलॉजी हब के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। ऐसे में इस सेंटर का फायदा राज्य के सभी डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटलों को मिलेगा। वहीं मरीजों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।

