Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा में स्वर्णरेखा नदी के किनारे एक बम मिला है। यह बम शक्तिशाली और जिंदा बम बताया जा रहा है। शनिवार को रांची से बम निरोधक टीम बहरागोड़ा पहुंची और इसकी जांच की। यह अमेरिकन मेड बम हो सकता है। बम निरोधक दस्ते के प्रभारी नंद किशोर सिंह ने बताया कि यह बम आकार में काफी बड़ा और खतरनाक है। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। इस खबर को हिंदी में अपनी भाषा शैली में लिखें और हेडिंग लगाएं। कीवर्ड कैच वर्ड और फोकस वर्ड इंग्लिश में कामा लगा कर दें।
गौरतलब है कि यह बम शुक्रवार को मिला था। इसके बाद बहरागोड़ा में हड़कंप मच गया था। जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी थी। इसकी सूचना रांची में बम निरोधक दस्ते को दे दी गई थी। शनिवार को बम निरोधक दस्ता पहुंचा था। इसके बाद पता चला कि यह बेहद शक्तिशाली बम है। इसका वजन 227 किलो है। इसे रांची की बम निरोधक टीम नष्ट नहीं कर सकेगी। इस टीम के बम देखते ही पसीने छूट गए हैं। कहा जा रहा है कि इसे नष्ट करने के लिए सेना के विशेषज्ञ बुलाए जाएंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। सेना को इसकी जानकारी दे दी गई है। सेना के अधिकारी दिल्ली में विशेषज्ञों से संपर्क साध रहे हैं।
नदी किनारे बम मिलने के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। जहां बम मिला है उधर किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। ताकि, किसी भी तरह के बड़े हादसे से बचा जा सके। बताया जा रहा है कि यह बम बालू में दबा हुआ था। बम मिलते ही पहले तो इसे लोगों ने लोहे का कुछ सामान समझा था। बाद में इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने देखा तो बताया कि यह बम है। इसके बाद रांची में बम निरोधक दस्ते को इसकी जानकारी दी गई। माना जा रहा है कि यह बम ऊपर से लड़ाकू विमान से गिराया गया था। मगर, फटा नहीं था। यहां पड़ा था और बालू में दब गया था। अब यह मिला है।
इलाके के बुजुर्ग बताते हैं कि इस इलाके में द्वितीय विश्व युद्ध में कई गतिविधियां हुई थीं। उस समय विमान का वजन कम करने के लिए कई हथियार नीचे गिराए गए थे। लगता है कि तभी यह बम भी यहां गिराया गया था।
बंगाल में भी मिला था ऐसा बम
बताया जा रहा है कि तकरीबन सात महीने पहले बंगाल के गोपीवल्लभपुर में भी नदी किनारे ऐसा बम मिला था। इसे एयरफोर्स की मदद से निष्क्रिय किया गया था।

