Ranchi : सप्रोफाइट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड ने झारखंड में पहली बार 60 साल पुराने तीन बड़े पेड़ों का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण कर दिया है। मुख्य सचिव आवास पर लगे बड़े पेड़ को गेतलसूद डैम में स्थानांतरित किया गया है।

इस तरह, कुल तीन बड़े पेड़ सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किए गए हैं। यह तीनों पेड़ वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से स्थानांतरित किए गए। यह काम आधुनिक वृक्ष प्रत्यारोपण तकनीक के जरिए किया गया।
इस पहल का मकसद विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को समान प्राथमिकता देना है। इस मौके पर कंपनी के निदेशक स्वर्ण विष्णु का कहना था कि 60 साल पुराने वृक्ष हमारे प्राकृतिक विरासत हैं। इन्हें काटने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से आधुनिक वृक्ष प्रत्यारोपण तकनीक अपनाते हुए स्थानांतरित करना पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है।
हमें अपने पर्यावरण को बचाए रखने के लिए इस तरह की नई मिसाल हमेशा कायम करनी होगी। कंपनी के निदेशक ओसामुल हक ने कहा कि वृक्ष प्रत्यारोपण एक तकनीक और संवेदनशील प्रक्रिया है। सही योजना विशेषज्ञ और अच्छी देखभाल से यह काम सफलतापूर्वक किया जा रहा है। वृक्ष प्रत्यारोपण परियोजना साबित करती है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।
गौरतलब है कि गेतलसूद डैम के हरित वातावरण में इन वृक्षों को दोबारा रोपित कर दिया गया है। यह वृक्ष अपने आसपास जैव विविधता कार्बन अवशोषण और पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे। कंपनी ने एक विशेष निगरानी दल नियुक्त किया है, जो उनके स्वास्थ्य एवं अनुकूलन की नियमित देखभाल करेगा। बता दें कि सप्रोफाइट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड झारखंड में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में नवाचार और जिम्मेदार पहल के लिए प्रतिबद्ध हैं।

