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बजट के बाद 7 फरवरी को हो सकता है बड़ा धमाका, जानिए क्या बदलाव ला सकता है RBI

by Rakesh Pandey
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बिजनेस डेस्क : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गत शनिवार को 2025-26 के बजट में मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी थी। उन्होंने 12 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी पर 0% टैक्स की घोषणा की, जो निश्चित तौर पर मिडिल क्लास के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। इसके साथ ही, सीनियर सिटीजन के लिए TDS की लिमिट 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का एलान भी किया गया। हालांकि, एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, असली धमाका अभी बाकी है।

क्या होगा 7 फरवरी को?

7 फरवरी से पहले, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक होने वाली है, जो 5 से 7 फरवरी तक चलेगी। इस बैठक के दौरान, RBI भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठा सकता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस बार ब्‍याज दरों में कटौती कर सकता है। खासकर मिडिल क्लास को लोन के ब्‍याज दरों में राहत देने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, ब्‍याज दरों में 25 बेसिक प्वाइंट की कटौती की संभावना जताई जा रही है।

क्‍या होगा असर?

अगर ब्‍याज दरों में कटौती होती है, तो इसका सीधा असर कंजम्‍पशन और आर्थिक ग्रोथ पर पड़ेगा। कम ब्‍याज दरों से लोन की लागत घटेगी, जिससे लोग और बिजनेस अधिक लोन ले पाएंगे और खर्च बढ़ेगा। इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी।

इसके अलावा, लोन में राहत मिलने से मिडिल क्लास की आमदनी पर भी असर पड़ेगा। उनका खर्च थोड़ा कम होगा, जिससे वे अपनी बचत को बेहतर निवेश के विकल्पों जैसे कि बैंक एफडी, सरकारी योजनाएं या अन्य निवेश साधनों में लगा सकते हैं। इससे न केवल उनकी निजी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी एक संजीवनी मिल सकती है।

आरबीआई का फोकस रहेगा GDP पर

आरबीआई के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक का मुख्य फोकस इस समय 7% की GDP ग्रोथ को बनाए रखना है। इसके अलावा, क्रेडिट फ्लो को भी सुधारने पर भी जोर दिया जा रहा है। ऐसे में यह पूरी संभावना है कि ब्‍याज दरों में कटौती से कंजम्‍पशन को बढ़ावा मिले, जिससे भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को गति मिल सके।

लिक्विडिटी को बढ़ावा देने के लिए नए कदम

हाल ही में, आरबीआई ने देश में लिक्विडिटी को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आरबीआई ने सिस्टम में 60,000 करोड़ रुपये की सरकारी सिक्‍योरिटी खरीदने का फैसला किया है। इसके अलावा, डॉलर-रुपया स्वैप ऑक्शन के जरिए भी लिक्विडिटी बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही, यह भी संभावना है कि आरबीआई लोन रेट में कटौती कर लिक्विडिटी को और बढ़ावा दे सकता है।

फरवरी 2023 से नहीं हुआ था कोई बदलाव

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने फरवरी 2023 से अब तक ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस दौरान 11 मॉनिटरी पॉलिसी की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन ब्‍याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। इसे लेकर एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि अब आरबीआई इस बार ब्‍याज दरों में राहत देने का फैसला ले सकता है। फरवरी 2023 में, आरबीआई ने रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर स्थिर रखा था, ताकि महंगाई को काबू किया जा सके।

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