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Election Updates : पश्चिम बंगाल के 697 मतदान केंद्रों पर हो रहा दोबारा मतदान, यहां 8 जुलाई को वोटिंग के दौरान हुई थी भारी हिंसा

by Rakesh Pandey
Election Updates West bengal Re-polling in 697 polling stations of West Bengal, there was heavy violence during voting on July 8
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के मतदान के दिन बड़े पैमाने पर हिंसा को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग 19 जिलों के 697 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान करा रहा है। इन केंद्रों पर भारी हिंसक घटनाएं हुई थीं। इससे चुनाव कार्य पर असर पड़ा था।
सुबह 7:00 बजे से शुरू हुआ मतदान सोमवार को सुबह 7 बजे से वोटिंग की प्रकिया शुरू हुई है।

यह शाम 5 बजे तक चलेगी। इसके लिए अधिकारियों ने पहले ही तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की है। यही वजह है कि शुरू के दो घंटे तक किसी भी जगह से किसी बड़े विवाद की सूचना सामने नहीं आयी हैं। हालांकि छिटपुट घटनाएं जरूर हो रही हैं।

8 जुलाई को मतदान के दौरान हुई थी भारी हिंसा 

विदित हो कि पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के लिए 8 जलाई को वोटिंग के दौरान राज्य के सात जिलों में हिंसा, मतपत्र जलाने, वोट चोरी होने और मतदान पेटियां उठाने की घटनाएं हुई। सरकार की गणना के मुताबिक, 8 जुलाई (शनिवार) को मतदान के दिन हुई हिंसा में विभिन्न दलों के 15 लोग मारे गये थे। हालांकि कई दूसरे माध्यमों में इससे अधिक मौत की बात कही गयी है।

हिंसा को देखते हुए ही हो रही है दोबारा वोटिंग 

हिंसा के चलते राज्य चुनाव आयोग सोमवार को 19 जिलों के 697 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान करा रहा है। आयोग ने सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं पुलिस प्रशासन को एक्टिव मोड पर रखा गया है। ताकि किसी भी प्रकार के अप्रिय घटनाओं से अविलंब निपटा जा सके।

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चुनावी हिंसा को लेकर खूब हुई बयान बाजी

पश्चिम बंगाल के चुनाव में हुई हिंसा को लेकर सभी राजनीतिक दलों और सुरक्षा में तैनात कंपनियों के अधिकारियों के बीच खूब बयान बाजी हुई। एक तरफ जहां इस हिंसा पर विपक्षी दल भाजपा ने सत्ताधारी दल तृणमूल को सवालों में के पीछे खड़ा किया। वहीं दूसरी तरफ सत्तापक्ष ने कहा कि चुनावी हिंसा में सबसे अधिक उनके कार्यकर्ता मारे गए हैं।

वहीं कांग्रेस ने भाजपा और तृणमूल दोनों पर निशाना साधा। सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से दावा किया गया कि उन्हें मतदान से पूर्व संवेदनशील स्थलों की जानकारी नहीं दी गई। इन सबके बीच चुनाव आयोग ने प्रभावित इलाकों में दोबारा मतदान का निर्णय लिया।

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