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Republic Day Parade : गणतंत्र दिवस परेड में महाकुंभ, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, लखपति दीदी समेत 31 झांकियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र

by Rakesh Pandey
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सेंट्रल डेस्क : गणतंत्र दिवस परेड 2025 में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और विकास की उपलब्धियों को दर्शाने के लिए 31 बेहतरीन झांकियां कर्त्तव्य पथ पर प्रस्तुत की जाएंगी। इनमें से 16 झांकियां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संस्कृति, धर्म, और इतिहास को प्रदर्शित करेंगी, जबकि 10 झांकियां मंत्रालयों और विभागों की उपलब्धियों पर केंद्रित होंगी। इन झांकियों में हर एक का उद्देश्य भारत की विविधता में एकता और प्रगति के मार्ग को उजागर करना है।

उत्तर प्रदेश : महाकुंभ और आध्यात्मिक धरोहर

उत्तर प्रदेश की झांकी गणतंत्र दिवस परेड का एक महत्वपूर्ण आकर्षण होगी, जो दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ के भव्यता को जीवंत करेगी। इस झांकी में पौराणिक समुद्र मंथन का प्रतीक दिखाया जाएगा, जो ज्ञान और दिव्यता की खोज को दर्शाता है। संगम क्षेत्र में गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का संगम और ऋषियों द्वारा पवित्र डुबकी लगाते हुए चित्रित किया जाएगा। यह झांकी महाकुंभ के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को प्रस्तुत करने के साथ-साथ भारत के आध्यात्मिक गौरव को भी दर्शाएगी।

गुजरात : प्रगति और नवाचार

गुजरात की झांकी राज्य की ऐतिहासिक धरोहर और औद्योगिक प्रगति का सम्मिलन होगी। इस झांकी में प्रमुख आकर्षण के तौर पर ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ दिखाई जाएगी, जो सरदार वल्लभभाई पटेल की श्रद्धांजलि स्वरूप बनाई गई दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसके साथ ही, गुजरात के सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और सी-295 विमान के उत्पादन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों के योगदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा। यह झांकी परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रतीक है, जो भारत के विकास में गुजरात के महत्व को उजागर करती है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय : ‘लखपति दीदी’ की प्रेरणा

ग्रामीण विकास मंत्रालय की झांकी में ‘लखपति दीदी’ का जश्न मनाया जाएगा। यह झांकी उन ग्रामीण महिलाओं को श्रद्धांजलि देती है, जिन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से वित्तीय स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता प्राप्त की। इस झांकी में हस्तशिल्प, डेयरी फार्मिंग और लघु उद्योग जैसी एसएचजी गतिविधियों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। यह झांकी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सफलता को प्रदर्शित करती है, जिसने महिला उद्यमियों को सशक्त किया है और ग्रामीण विकास को नई दिशा दी है।

भारत की सांस्कृतिक विविधता और प्रगति का अद्भुत संगम

उत्तर प्रदेश, गुजरात और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अलावा, कई अन्य राज्य भी इस साल की गणतंत्र दिवस परेड में अपनी झांकियों के साथ हिस्सा लेंगे। राजस्थान, पंजाब, गोवा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और दिल्ली जैसे राज्यों की झांकियां अपनी अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, लोक कला, और पारंपरिक परिधानों के साथ परेड में शामिल होंगी।

मंत्रालयों द्वारा प्रदर्शित झांकियां भारत की रक्षा, सेमीकंडक्टर, और अन्य आधुनिक तकनीकों में प्राप्त की गई प्रगति को प्रदर्शित करेंगी। ये झांकियां भारत की आकांक्षाओं और वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती ताकत का प्रतीक होंगी।

परेड के बाद प्रदर्शनी : भारत पर्व

गणतंत्र दिवस परेड के बाद, इन शानदार झांकियों का प्रदर्शन ‘भारत पर्व’ के रूप में लाल किले पर आयोजित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी जनवरी के आखिरी सप्ताह तक चलेगी, जहां पर्यटक इन अद्भुत कृतियों को करीब से देख सकेंगे।

इस बार की गणतंत्र दिवस परेड न केवल भारत की सांस्कृतिक विविधता को दिखाएगी, बल्कि विकास की दिशा में किए गए प्रयासों को भी उजागर करेगी। यह परेड भारत की एकता, अखंडता, और प्रगति का प्रतीक होगी, जो पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति और शक्ति का अहसास कराएगी।

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