रांची। रिम्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। रांची के सुखदेव नगर थाना में इस संबंध में केस दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता दीवान मिढ़ा ने एक दंपती पर खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, आरोपी अरुण कुमार और उसकी पत्नी ने खुद को बड़े अधिकारियों और नेताओं से जुड़ा बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के नाम पर कंबल वितरण का बहाना बनाकर करीब 1000 कंबल भी ले लिए। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार का विश्वास जीत लिया।
एनआरआई कोटे में एडमिशन का झांसा
आरोप है कि दंपती ने पीड़ित की बेटी का RIMS में पीजी मैनेजमेंट के एनआरआई कोटे से दाखिला कराने का वादा किया। इसके बदले पीड़ित से पहले 15 लाख रुपये नकद लिए गए। बाद में अलग-अलग जगहों जैसे स्टेट गेस्ट हाउस, सर्किट हाउस और रिम्स परिसर में बुलाकर करीब एक करोड़ रुपये और 995 ग्राम सोना ठग लिया गया। पीड़ित का दावा है कि उनके पास इस लेन-देन से जुड़े ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट जैसे सबूत भी मौजूद हैं।
मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़ित की बहन की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के लिए एयर एंबुलेंस और ऑपरेशन के नाम पर आरोपी दंपती ने और पैसे मांगे। पीड़ित ने अपनी पुश्तैनी संपत्ति और गहने तक उन्हें सौंप दिए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इतना ही नहीं, एक घटना में पीड़ित की गाड़ी में नशीला पदार्थ रखकर फंसाने की भी साजिश रची गई।
असली पहचान आई सामने
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी का असली नाम तनवीर अख्तर है, जो अरुण कुमार बनकर अपनी पहचान छुपा रहा था। उसकी पत्नी का नाम आइशा बताया गया है। दोनों पर सरकारी सुरक्षा और प्रभाव का झूठा दिखावा कर लोगों को ठगने का आरोप है।
पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एक करोड़ रुपये और सोने की बरामदगी की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
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