RANCHI: रिम्स में असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को स्थायी नियुक्ति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक विकास आयुक्तन अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार, डीन डॉ. बी. कुमार, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. डी. के. सिन्हा, जेनेटिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपा प्रसाद और मेडिकल एजुकेशन विभाग के डॉ. सुभाशीष सरकार उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान रिम्स में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई। विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि इस तरह की बहाली प्रक्रिया हर वर्ष नियमित रूप से कराई जाए। जिससे कि शैक्षणिक व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे।
सरल हो साक्षात्कार प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि एम्स और देश के अन्य प्रमुख मेडिकल संस्थानों की तर्ज पर रिम्स में भी स्पष्ट और मानकीकृत एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया तय किया जाना चाहिए। साथ ही उम्मीदवारों को ऑब्जेक्टिव मार्किंग सिस्टम के आधार पर शॉर्टलिस्ट करने पर जोर दिया गया, जिससे चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।
इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर भी नए और प्रभावी तरीकों पर विचार किया गया। विकास आयुक्त ने कहा कि साक्षात्कार प्रक्रिया सरल हो, लेकिन उसमें अभ्यर्थियों के शैक्षणिक, शोध और व्यावहारिक अनुभव का समग्र मूल्यांकन संभव हो। इसके अलावा उन्होंने रिम्स के नॉन-टेक्निकल स्टाफ और रिम्स नर्सिंग कॉलेज में प्रिंसिपल की नियुक्ति प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

