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RANCHI SADAR HOSPITAL: सदर हॉस्पिटल कैंपस में गाड़ियों का शोर, प्रदूषण बढ़ा रहा मरीजों की परेशानी

प्रबंधन ने टेंडर के माध्यम से प्राइवेट एजेंसी को दिया ठेका, ज्यादा कमाई के लिए बाहरी गाड़ियों की हॉस्पिटल कैंपस में कराई जा रही पार्किंग

by Vivek Sharma
RANCHI: सदर हॉस्पिटल में बाहरी गाड़ियों की पार्किंग से जाम, शोर और प्रदूषण बढ़ा, प्रबंधन ने टेंडर पर प्राइवेट एजेंसी को ठेका दिया।
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RANCHI: सदर हॉस्पिटल कैंपस में पार्किंग के कारण समस्या बढ़ती जा रही है। हर दिन हजारों बाहरी गाड़ियां हॉस्पिटल परिसर में प्रवेश कर रही हैं, जिससे न सिर्फ जाम की समस्या बढ़ रही है, बल्कि वायु और ध्वनि प्रदूषण भी गंभीर रूप ले रहा है। जिससे कि हॉस्पिटल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए समस्या बढ़ रही है। कई बार जाम की वजह से एंबुलेंस फंस जा रही है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भी प्रबंधन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। अब सवाल ये उठता है कि क्या किसी हादसे के बाद ही प्रबंधन की नींद खुलेगी।

पार्किंग को करना था व्यवस्थित

हॉस्पिटल प्रबंधन ने बाहर से आने वाली गाड़ियों को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था के लिए एक प्राइवेट एजेंसी को टेंडर के माध्यम से ठेका दिया है। एजेंसी का मकसद कैंपस में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाना था, लेकिन हालात से यह स्पष्ट हो रहा है कि एजेंसी अधिक कमाई के लिए बाहरी वाहनों को भी परिसर में पार्क करने की अनुमति दे रही है। कैंपस में पार्किंग के लिए कोई जगह चिन्हित नहीं है। इसके बावजूद बाहरी गाड़ियां हॉस्पिटल परिसर में चारों ओर पार्क की जा रही हैं, जिससे हॉस्पिटल के अंदर आने-जाने वाले मरीज और उनके परिजन असुविधा महसूस कर रहे हैं।

चारों ओर गाड़ियां ही गाड़ियां

इलाज के लिए आने वाले लोगों का कहना है कि कैंपस के अंदर गाड़ियों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि हॉस्पिटल परिसर में जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। हॉस्पिटल कैंपस की सड़क पर बाइक की पार्किंग कराई जा रही है। जिससे कि एक समय में दो गाड़ियां नहीं निकल पाती। इस वजह से भी जाम लगा रहता है। इसके अलावा हॉस्पिटल कैंपस में गाड़ियों की आवाज और धुएं से वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि विशेष रूप से वृद्ध और बीमार मरीजों के लिए यह स्थिति आने वाले समय में खतरनाक हो सकती है।

हॉस्पिटल के बेसमेंट में है बड़ी पार्किंग

हॉस्पिटल के बेसमेंट में ही बड़ी अंडरग्राउंड पार्किंग है। लेकिन उसका पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं हो रहा है। कुछ गाड़ियां ही बेसमेंट में पार्क की जाती है। बाकी गाड़ियों को जाने ही नहीं दिया जाता। इस वजह से गाड़ियां कैंपस में जहां-तहां पार्क कर दी जाती है। ओपीडी कांप्लेक्स में इंट्रेंस पर ही गाड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। इस वजह से भी लोगों को परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि हॉस्पिटल को बाहरी वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल बनाना चाहिए। इसके साथ ही, परिसर में आने-जाने वाले वाहनों की संख्या नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम लागू किए जाने चाहिए।

क्या कहते है सिविल सर्जन

इस मामले में सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि कैंपस में भीड़ तो बढ़ी है। पार्किंग के लिए एजेंसी को दिया गया है। बाहर से आने वाली गाड़ियों का लोड बढ़ा हुआ है। खरीदारी के लिए आने वाले, कालेज आने वाले भी गाड़ी पार्क कर चले जाते है। पूछने पर बताते है कि पेशेंट एडमिट है। ऐसे में हमलोग भी कुछ नहीं कह पाते। नए भवन के बनने से पार्किंग की समस्या दूर होगी।

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