

Chaibasa (Jharkhand) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सहारा समूह के खिलाफ एक अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने सहारा समूह से जुड़ी हमारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड और सहारा इंडिया के ब्रांच मैनेजर को आदेश दिया है कि वे उपभोक्ता राजेंद्र मंडल को उनकी परिपक्व राशि 3 लाख रुपये 45 दिनों के भीतर लौटाएं।यह मामला 11 फरवरी 2016 को दर्ज हुआ था, जब राजेंद्र मंडल ने सहारा की गोल्डन ए डबल स्कीम में 1.5 लाख रुपये निवेश किए थे। इस योजना की परिपक्वता 11 जून 2021 को पूरी होनी थी, जिसके बाद निवेशक को 3 लाख रुपये मिलने थे। लेकिन अब तक यह राशि वापस नहीं की गई थी।

आयोग का सख्त रुख : लापरवाही और अनुचित व्यापार व्यवहार
आयोग ने अपने फैसले में कहा कि सहारा सोसाइटी ने सेवा में गंभीर लापरवाही, अनुचित व्यापार व्यवहार और उपभोक्ता के साथ विश्वासघात किया है। इस आधार पर आयोग ने सहारा इंडिया व सोसाइटी को संयुक्त रूप से राशि चुकाने का निर्देश दिया। साथ ही, उपभोक्ता को हुए मानसिक, आर्थिक और शारीरिक उत्पीड़न के लिए 35 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये वाद व्यय भी देने का आदेश दिया गया।

9% ब्याज सहित चुकाना होगा भुगतान
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आदेश के 45 दिनों के भीतर राशि का भुगतान नहीं किया गया तो उपभोक्ता को पूरी राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि आदेश की प्रति दोनों पक्षों को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाए और इसे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाए।

