चाईबासा : सारंडा में बीते दिन विस्फोट से घायल हुए दूसरे हाथी की भी मौत हो गई। दो दिन पहले ग्रामीणों ने वन विभाग को दूसरे हाथी के विस्फोट में घायल होने की खबर दी थी. जिसके बाद बुधवार से हथिनी का इलाज शुरू किया गया था, लेकिन इसी बीच उसकी मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि यह हाथी भी आईईडी विस्फोट में घायल हुआ था।
दूसरे घायल हाथी ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
सारंडा में लगातार आईईडी विस्फोट से घायल दो हाथियों की मौत ने पूरे क्षेत्र में को गम में डुबो दिया है। स्थानीय ग्रामीण पिछले दो दिनों से हाथी के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे, लेकिन असहनीय पीड़ा से गुजर रही हथिनी ने आख़िरकार दम तोड़ दिया। दोनों ही मामले में वन विभाग हाथी को बचाने में नाकाम रहा। लोगों का कहना है कि वन विभाग ने जैसे ही इलाज शुरू किया, हाथी का स्वास्थ्य ठीक होने की बजाय ख़राब होना शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हाथियों की मौत होना किसी भी इलाके के लिए अशुभ माना जाता है। ऐसे में हाथियों की मौत से ग्रामीण भी घबरा गए हैं और दुखी हैं।
बता दें कि सारंडा में हाथी लगातार आईईडी की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक अभी भी सारंडा में दो हाथी ऐसे हैं, जो बम की चपेट में आ गए हैं। उनका भी पैर जख्मी हालत में है। जो सारंडा जंगल कभी इन हाथियों का सुरक्षित इलाका हुआ करता था, आज वह जंगल इनके लिए खतरनाक बन गया है।
हाथी को बचाने का पूरा प्रयास किया गया : डीएफओ
सारंडा डीएफओ अभिरुप सिन्हा ने हाथी की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और पशु चिकित्सकों द्वारा घायल हाथी को बचाने का भरपूर प्रयास किया गया, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि हाथी को बचा नहीं सके। डीएफओ ने एक और खुलासा करते हुए बताया कि पिछली बार हुई घायल हाथी की मौत को लेकर पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आ गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि हाथी का पैर जोरदार विस्फोट से ही जख्मी हुआ था। बहरहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कहा जा सकता है कि हाथी के पैर आईईडी ब्लास्ट के कारण घायल हो रहे हैं। इधर पशु चिकित्सक ने बताया कि हाथी को बचाने के लिए आज उसे ट्रेंकुलाइज करके स्लाइन चढ़ाया जा रहा था, लेकिन इलाज के क्रम में ही हाथी ने दम तोड़ दिया। लगातार दो हाथियों की मौत से पशु चिकित्सक भी दुखी हैं। हाथियों की मौत पर अपनी संवेदना प्रकट की है।

