Seraikela : 32 करोड़ रुपये के चर्चित को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में बड़ा न्यायिक फैसला सामने आया है। चाईबासा स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के विशेष न्यायालय ने शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सत्पति, बैंक कर्मचारी मनीष देवगम और व्यवसायी संजय डालमिया को दोषी करार दिया है।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश पीयूष श्रीवास्तव की अदालत ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रतिवेदन के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी माना।
फैसले के बाद तुरंत जेल भेजे गए दोषीअदालत के आदेश के बाद तीनों दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब इस मामले में सजा की अवधि तय करने के लिए अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी, जहां कोर्ट अंतिम फैसला सुनाएगा।2019 में दर्ज हुआ था मामला, सीआईडी ने की जांचइस घोटाले से जुड़ी प्राथमिकी वर्ष 2019 में सरायकेला थाना में दर्ज की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपी गई थी।सीआईडी ने विस्तृत जांच के बाद न्यायालय में अपना प्रतिवेदन दाखिल किया, जिसके आधार पर अदालत ने यह अहम फैसला सुनाया। यह मामला लंबे समय से चर्चाओं में था और अब दोषियों के खिलाफ सजा का रास्ता साफ हो गया है

