जमशदेपुर : सरायकेला खरसावां जिले के शहरबेड़ा में सोमवार की शाम हुए दर्दनाक हादसे में 14 वर्षीय आर्यन समेत तीन लोग स्वर्णरेखा नदी में डूब गए थे। इन शवों को निकाल लिया गया है। प्रशासन ने मंगलवार को सुबह से ही शवों की तलाश शुरू कर दी थी। दो शव मंगलवार को निकाले गए। जबकि, आर्यन का शव सोमवार को ही निकाल लिया गया था। शव निकलने के बाद उन घरों में मातम पसर गया है जिनके अपने इस घटना में काल के गाल में समा गए हैं।
गौरतलब है कि सोमवार की शाम को छठ पूजा के दौरान एक ही परिवार के तीन सदस्य नदी में डूब गए थे। इनमें से आर्यन का शव गोताखोरों ने घटना के कुछ देर बाद ही निकाल लिया था। मगर, 45 वर्षीय संजय सिंह और 19 वर्षीय प्रतीक कुमार का शव नहीं खोजा जा सका था। जिला प्रशासन ने मंगलवार को सुबह से ही गोताखोरों की मदद से इन दोनों की तलाश का काम शुरू करा दिया था।
दोपहर को संजय सिंह का भी शव बरामद कर लिया गया था। संजय का शव बाहर आते ही परिवार के लोगों में चीख पुकार मच गई। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। 19 वर्षीय प्रतीक कुमार की तलाश लगातार जारी रही। बाद में दोपहर बाद तकरीबन दो बजे प्रतीक कुमार का भी शव गोताखोरों ने बाहर निकाला। नदी घाट पर दो-दो लाशें देख कर सभी की आंखें नम थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आर्यन नहाने के दौरान नदी में चला गया था। वह डूबने लगा तो प्रतीक और संजय उसे बचाने के लिए नदी में कूद गए। मगर, वह दोनों खुद डूब गए। जिला प्रशासन का कहना है कि जहां यह घटना हुई है वहां पहले से डेंजर जोन घोषित किया गया था। लोगों से मना किया गया था कि उधर किसी को जाने नहीं देना है। इसके बाद भी कुछ श्रद्धालु उधर चले गए और यह घटना हुई।
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