VIVEK SHARMA
Ranchi: राजधानी रांची में पब्लिक टॉयलेट में गंदगी की शिकायतों पर रांची नगर निगम गंभीर है। अब नगर निगम ने शहर को हाईजीनिक और आधुनिक सुविधाओं से लैस टॉयलेट की दिशा में एक नई पहल की है। इसके तहत पे-एंड-यूज स्मार्ट टॉयलेट मॉडल की शुरुआत की जाएगी। जिसमें सिक्का डालते ही दरवाजा खुल जाएगा। इतना ही नहीं हर यूज के बाद ऑटो फ्लश सिस्टम टॉयलेट को साफ कर दोबारा इस्तेमाल के लायक बना देगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत राजधानी में की जा रही है। जिसके तहत एक स्मार्ट टॉयलेट का निर्माण कराया जाएगा। वहीं इसकी सफलता के बाद पूरे शहर में इस तरह के टॉयलेट बनाए जाएंगे। हालांकि ये तय नहीं है कि मशीन में कितने रुपए का सिक्का डालना होगा।
गंदगी से मिलेगा छुटकारा
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में साफ-सुथरे और सुविधाजनक पब्लिक टॉयलेट की जरूरत है। अक्सर देखा जाता है कि पब्लिक टॉयलेट की स्थिति खराब रहती है। उनमे पानी की कमी, टूटी फिटिंग, दुर्गंध और नियमित सफाई न होने जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इन्हीं समस्याओं का समाधान करने के लिए निगम ने स्मार्ट प्लान बनाया है।
कैसे काम करेगा स्मार्ट टॉयलेट
निगम द्वारा लगाए जा रहे इस टॉयलेट में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। बाहर लगे विशेष मशीन में सिक्का डालते ही दरवाजा अपने-आप अनलॉक हो जाएगा। यह सिस्टम टॉयलेट के यूज को नियंत्रित करता है, जिससे अनावश्यक भीड़ और गलत उपयोग रोका जा सके। इसके अंदर ऑटो फ्लश तकनीक लगाई गई है, जो उपयोग करने के बाद अपने-आप एक्टिव हो जाती है। इससे टॉयलेट गंदा नहीं रहता और हर व्यक्ति को साफ-सुथरा टॉयलेट मिलता है। इस मॉडल से न केवल टॉयलेट की सफाई सुनिश्चित होगी बल्कि रखरखाव पर होने वाले खर्च में भी कमी आएगी।
प्रोजेक्ट सफल तो शहर में होंगे इंस्टॉल
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में रांची के धुर्वा में स्मार्ट टॉयलेट लगाने की योजना है। इस मॉडल का ट्रायल कुछ हफ्तों तक किया जाएगा। इसमें साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता, मशीन की कार्यक्षमता और यूजर फीडबैक पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो पूरे शहर में स्मार्ट टॉयलेट लगाने की योजना है। निगम ने इसके लिए संभावित स्थानों की पहचान भी शुरू कर दी है। मुख्य बाजारों, बस स्टैंडों, पार्कों और व्यस्त सड़कों के किनारे इन्हें लगाने की योजना है।
पानी नहीं तो दरवाजा बंद
स्मार्ट टॉयलेट के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए शहर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि सार्वजनिक सुविधाओं को साफ रखने की जिम्मेदारी साझा होनी चाहिए। वैसे तो से इस टॉयलेट का इस्तेमाल बिना सिक्का डाले नहीं किया जा सकता। लेकिन पानी की किल्लत की स्थिति में टॉयलेट का दरवाजा सिक्का डालने पर भी नहीं खुलेगा। नगर निगम की ये पहल स्वच्छ रांची की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। बता दें कि रांची स्टेशन पर पहले से ही ये टॉयलेट लगा है। जो हर इस्तेमाल के बाद साफ हो जाता है।

