Dhanbad : जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) से चोरी हुए नवजात बच्चे को धनबाद पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपित पैसों के लालच में नवजात को चोरी कर उसे बेचने की फिराक में थे।
सोमवार को सरायढेला थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि लिखित शिकायत मिलते ही एसएसपी के निर्देश पर विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। डीएसपी (विधि-व्यवस्था) के नेतृत्व में फौरन कार्रवाई करते हुए मामले का उद्भेदन किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि भुली ओपी क्षेत्र की रहने वाली अभिलाषा सिंह अपनी निःसंतान मामी राजकुमारी देवी के लिए एक बच्चा दिलाने के मकसद से 18 दिसंबर को एसएनएमएमसीएच पहुंची थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात अस्पताल कर्मी इश्तियाक अंसारी और दलाल की भूमिका निभा रहे हाशिमुद्दीन अंसारी से हुई। दोनों ने पैसे लेकर नवजात उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें अभिलाषा के पति कौशल कुमार सिंह ने 80 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से और 70 हजार रुपये का चेक हसिमुद्दीन अंसारी को दिया। योजना के तहत 27 दिसंबर की रात महिला एवं प्रसूति विभाग से नवजात बच्चे की चोरी कर ली गई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल कर्मी इश्तियाक अंसारी, दलाल हसिमुद्दीन अंसारी, अभिलाषा सिंह और कौशल कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास से चोरी में प्रयुक्त उजले रंग की स्वीफ्ट कार (जेएच10एजी-1661), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का 70 हजार रुपये का चेक और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
बरामद नवजात बच्चे को सोमवार को उसके माता-पिता को सुरक्षित सौंप दिया गया। उल्लेखनीय है कि यह बच्चा मनियाडीह थाना क्षेत्र के भेलवे गांव निवासी सरिता देवी का है, जो एसएनएमएमसीएच में भर्ती थी। इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
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