Ranchi: झारखंड के स्कूलों में जल्द ही विद्यार्थियों को स्वीडिश ई-साइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि छात्रों को साइकिल से स्कूल आने में सुविधा हो। उन्हें ज्यादा परेशानी ना हो और उनकी पढ़ाई किसी तरह बाधित न हो। इसका खाका मंगलवार को स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में तैयार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस में स्वीडिश इंडिया बिजनेस काउंसिल के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। स्वीडिश इंडिया बिजनेस काउंसिल में स्वीडन की कंपनियों के बड़े-बड़े अधिकारी शामिल हैं।
यह शिष्टाचार मुलाकात थी। इस मौके पर झारखंड में स्वीडिश कंपनियों के निवेश पर चर्चा हुई। काउंसिल के प्रतिनिधियों ने कहा कि स्वीडन की कंपनियां झारखंड में ई-साइकिल का प्लांट लगा सकती हैं। इससे झारखंड में ई-साइकिलों के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। काउंसिल के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि भारत में 50 से अधिक स्वीडिश कंपनियां सक्रिय हैं। यह कंपनियां विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्बन मोबिलिटी, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रही हैं। इन कंपनियों से झारखंड को अच्छा निवेश मिल सकता है।
झारखंड में स्वीडिश कंपनियों के निवेश पर हुआ मंथन
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन भी मौजूद थीं। काउंसिल के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से झारखंड और स्वीडन के बीच व्यापारिक औद्योगिक निवेश बढ़ाने को लेकर मंथन किया। दावोस में हुई चर्चा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिछले साल स्वीडन दौरे के दौरान वोल्वो सहित अन्य स्वीडिश कंपनियों के साथ हुई वार्ता की समीक्षा भी की गई।
विद्यार्थियों को साइकिल बांटने की तैयार होगी फीजिबिलिटी रिपोर्ट
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार शिक्षा को सुलभ और सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हर साल लाखों की संख्या में सरकारी विद्यार्थियों को साइकिल बांटी जाती है। ताकि दूर दराज के क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो। मुख्यमंत्री ने स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल से आग्रह किया कि झारखंड में प्लांट लगा कर साइकिलों के उपयोग को और प्रभावी बनाने का काम किया जाए। साथ ही विद्यार्थियों को ई-साइकिल वितरित करने के लिए एक फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस प्रकार साइकिलों को बच्चों के लिए सुरक्षित, किफायती और प्रभावी बनाया जाएगा।

