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चंद्रयान 4 और 5 का डिजाइन तैयार, जानें क्या कहा इसरो चीफ ने

by Rakesh Pandey
Chandrayaan 4 and 5 design
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सेंट्रल डेस्क : Chandrayaan 4 and 5 design : चंद्रयान 3 की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन अपने अगले चंद्र मिशन की तैयारी कर रहा है जिसका उद्देश्य चंद्रमा से नमूने एकत्रित कर वापस धरती पर लाना है। इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने चंद्रयान 4 और 5 के लिए डिज़ाइन पहले ही पूरा कर लिया है और उनके लिए सरकार की मंजूरी मांग रही है, जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है।

Chandrayaan 4 and 5 design : चांद से चट्टानों और मिट्टी के नमूने लाएगा चंद्रयान

रिपोर्ट्स के अनुसार चंद्रयान-4 मिशन का मुख्य उद्देश्य चांद से चट्टानों और मिट्टी को धरती पर लाना है। इसमें चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करना, चांद से अंतरिक्ष यान लॉन्च करना और चांद की कक्षा में अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग का प्रदर्शन करना भी शामिल है।

Chandrayaan 4 and 5 design : सरकार से मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और भारतीय अंतरिक्ष संघ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के अवसर पर सोमनाथ ने कहा की हमारे पास चंद्रमा पर जाने के लिए कई मिशन हैं। चंद्रयान-3 पूरा हो चुका है। वहीं अब चंद्रयान 4 और 5 का डिजाइन पूरा हो चुका है और हम सरकार की मंजूरी मांग रहे हैं। इससे पहले इसरो ने कहा था कि चंद्रयान-4 मिशन को 2028 में प्रक्षेपित करने का लक्ष्य रखा गया है।

Chandrayaan 4 and 5 design : अगले 5 वर्षों में 70 अन्य उपग्रह प्रक्षेपित किए जायेंगे

चंद्रयान 4 मिशन के अलावा सोमनाथ ने यह भी कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी अगले पांच वर्षों में 70 उपग्रहों को लॉन्च करने की योजना बना रही है। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पृथ्वी की निचली कक्षा के उपग्रहों का एक समूह शामिल है।

Chandrayaan 4 and 5 design :  इस तरह के उपग्रहों की होगी लॉन्चिंग

वहीं इसरो प्रमुख ने ये भी कहा कि इन 70 उपग्रहों में एनएवीआईसी क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली के लिए चार उपग्रह शामिल हैं जो स्थिति निर्धारण, नेविगेशन और समय सेवा प्रदान करेंगे, इनसैट 4डी मौसम उपग्रह, रिसोर्ससैट श्रृंखला के उपग्रह, रिमोट सेंसिंग और उच्च रिजोल्यूशन इमेजिंग के लिए कार्टोसैट उपग्रह भी शामिल हैं।
इन योजनाओं पर भी काम कर रहा इसरो

साथ ही सोमनाथ ने ये भी कहा कि इसरो ओशनसैट श्रृंखला के उपग्रहों और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन उपग्रह 01 और 02 को विकसित करने की भी योजना बना रहा है, जिनका लक्ष्य विद्युत प्रणोदन प्रणाली और क्वांटम कुंजी वितरण प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी गगनयान मिशन के लिए डेटा रिले उपग्रहों और इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए उच्च थ्रूपुट उपग्रहों का भी विकास कर रही है। इसके अलावा जीसैट उपग्रह को स्पेसएक्स के फाल्कन रॉकेट पर प्रक्षेपण के लिए अमेरिका भेजने की तैयारी की जा रही है।

Chandrayaan 4 and 5 design:  पहला मानवरहित मिशन दिसंबर में

इसरो प्रमुख ने कहा कि एजेंसी द्वारा नियोजित शुक्र ग्रह पर जाने वाले मिशन को फिलहाल टाल दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा की हम मिशन का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। वहीं उन्होंने आगे कहा कि गगनयान परियोजना का पहला मानवरहित मिशन इस वर्ष दिसंबर में प्रक्षेपित किया जाना है। रॉकेट के सभी चरण पहले ही श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंच चुके हैं।

Chandrayaan 4 and 5 design: विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में तैयार हो रहा क्रू मॉड्यूल

साथ ही क्रू मॉड्यूल तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में तैयार हो रहा है तथा सर्विस मॉड्यूल बेंगलुरू के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर में एकीकरण के अधीन है। वहीं उन्होंने कहा की क्रू एस्केप सिस्टम पहले ही श्रीहरिकोटा पहुंच चुका है। सभी प्रणालियां अगले एक से डेढ़ महीने में श्रीहरिकोटा पहुंच जाएंगी, जहां अंतिम परीक्षण और एकीकरण किया जाएगा।

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