सेंट्रल डेस्क : तेलंगाना सुरंग हादसे में एक हफ्ते से चल रहे बचाव अभियान (Rescue Operation) में बड़ी प्रगति हुई है। राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (National Geophysical Research Institute – NGRI) के वैज्ञानिकों ने ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (Ground Penetrating Radar – GPR) की मदद से सुरंग के अंदर कुछ विसंगतियों (Anomalies) का पता लगाया, जिससे ऑपरेशन को महत्वपूर्ण बढ़त मिली। राज्य के आबकारी मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने बताया कि सुरंग में फंसे आठ में से चार लोगों के ठिकाने का पता लगाया गया है, लेकिन उनके जीवित बचने की संभावना केवल 1% है।

तेजी से हो रहा बचाव कार्य
मंत्री कृष्ण राव ने सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी और बचाव अभियान से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक के बाद बताया कि पिछले कुछ दिनों में काम काफी तेजी से हुआ है। उन्होंने कहा, “रडार के जरिए चार व्यक्तियों का पता लगा लिया गया है। उम्मीद है कि रविवार शाम तक उन्हें बाहर निकाला जा सकेगा।” हालांकि, बाकी चार श्रमिक टनल बोरिंग मशीन (Tunnel Boring Machine – TBM) के नीचे फंसे हुए प्रतीत हो रहे हैं।450 फीट लंबी बोरिंग मशीन काटी जा रहीमंत्री ने स्पष्ट किया कि 450 फीट लंबी बोरिंग मशीन (TBM) को काटकर रास्ता बनाया जा रहा है। इस ऑपरेशन में 11 विभिन्न एजेंसियों के कर्मचारी शामिल हैं, जो पानी निकालने और मलबा हटाने के साथ-साथ अन्य बाधाओं को दूर करने में जुटे हुए हैं।
परिवारजनों की चिंता बढ़ी
फंसे श्रमिकों के परिजन उनके सुरक्षित बाहर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। एक श्रमिक गुरप्रीत सिंह के रिश्तेदारों ने दावा किया कि उन्हें बचाव दल की ओर से कोई अपडेट नहीं मिला। वहीं, एक अन्य रिश्तेदार ने सुरंग के अंदर जाने की अनुमति मांगी, लेकिन अधिकारियों ने उसकी गुजारिश को अस्वीकार कर दिया।तेलंगाना सुरंग हादसे में बचाव अभियान तेजी से जारी है, लेकिन श्रमिकों के जीवित बचने की उम्मीदें लगातार कम होती जा रही हैं।
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