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CBI ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर चलाया तलाशी अभियान

इस घोटाले से राज्य के खजाने को 'भारी नुकसान' हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों के पास ₹2,100 करोड़ से अधिक की अवैध आय पहुंची।

by Reeta Rai Sagar
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रायपुर : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आवास भी शामिल रहा। अधिकारियों की टीमें रायपुर और भिलाई में भूपेश बघेल के आवास के अलावा एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री के एक करीबी सहयोगी के आवासों पर भी पहुंची।

27 मार्च को दिल्ली में कांग्रेस की बैठक में होने वाले है शामिल

हालांकि, CBI ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस मामले में यह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। भूपेश बघेल के कार्यालय ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि CBI उनके आवास पर उनके दिल्ली दौरे से पहले पहुंची। भूपेश बघेल को 27 मार्च को दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में भाग लेना था।

बयान में कहा गया कि ‘पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दिल्ली जाने वाले थे, जहां वे AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ्टिंग कमेटी” की बैठक में शामिल होंगे। इससे पहले ही CBI ने रायपुर और भिलाई में उनके आवासों पर छापे मारे’।

ED ने भी शराब घोटाले मामले में ली थी तलाशी

हाल ही में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी भूपेश बघेल के आवास पर शराब घोटाले के मामले में तलाशी ली थी। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने एक 15 सदस्यीय ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन किया है, जिसमें भूपेश बघेल, जो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं और छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट को शामिल किया गया है। रणदीप सुरजेवाला को समन्वयक नियुक्त किया गया है।

कांग्रेस के सम्मेलन में 3000 से अधिक नेता लेंगे भाग

यह समिति आगामी राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर पार्टी के दृष्टिकोण को तैयार करेगी, और विपक्षी और सत्तारूढ़ पार्टी की कमियों पर सबूतों के साथ प्रतिक्रिया तैयार करेगी। इस सम्मेलन में 3,000 से अधिक नेता भाग लेंगे, जो अहमदाबाद (गुजरात) में 8 और 9 अप्रैल को आयोजित होगा।

ED ने 10 मार्च को भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की थी, जो उनके बेटे के खिलाफ कथित शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत की गई थी। छापेमारी के दौरान ED ने लगभग ₹30 लाख की नकद राशि और कुछ दस्तावेज़ जब्त किए थे। छापेमारी लगभग आठ घंटे तक चली थी। इसके बाद, अनौपचारिक रिपोर्ट्स में कहा गया कि ED ने उनके बेटे चैतन्य बघेल को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था।

ये बीजेपी की निराशा हैः बघेल

भूपेश बघेल ने इन छापेमारियों को बीजेपी के ‘निराशा’ का परिणाम बताया। 11 मार्च को कांग्रेस ने BJP सरकार और ED के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए उनके पुतले जलाए थे।

ED के अनुसार, यह कथित शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार थी। एजेंसी ने कहा कि इस घोटाले से राज्य के खजाने को ‘भारी नुकसान’ हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों के पास ₹2,100 करोड़ से अधिक की अवैध आय पहुंची।

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