पलामू : गढ़वा जिले के भंडरिया क्षेत्र में एक बाघ के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। बाघ ने कई मवेशियों को अपना शिकार बनाया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। बाघ की गतिविधियों को लेकर वन विभाग ने भंडरिया और रमकंडा क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में न जाने की सलाह दी है, जबकि बाघ की मौजूदगी के बावजूद अब तक उसकी कोई तस्वीर या पगमार्क नहीं मिला है।
भैंस, गाय और बैल का किया शिकार
गुरुवार की रात, भंडरिया वन क्षेत्र के रोदो जंगल में बाघ ने इंद्रदेव यादव की भैंस पर हमला कर उसे घायल कर दिया, जबकि रमकंडा के बलिगढ़ पंचायत के बैदेशी टोला में हुलास सिंह की गाय को मार डाला। यह घटनाएं बाघ की शिकार की आदतों को स्पष्ट रूप से उजागर करती हैं। इंद्रदेव यादव ने अपनी भैंस को जंगल में चराने भेजा था, जहाँ रात के अंधेरे में बाघ ने उस पर हमला कर दिया।
पहले भी मवेशियों का शिकार कर चुका है बाघ
कुछ दिन पहले, भंडरिया के संगाली गांव में भी बाघ के होने की खबर आई थी। 13 नवंबर की रात, बड़गड़ थाना क्षेत्र के बहेराखांड़ में बाघ ने मवेशी का शिकार किया और फिर भंडरिया क्षेत्र के जंगल से होते हुए नदी पार करके पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पहुंच गया। वन विभाग और पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की थी।
वन विभाग का अलर्ट और सुरक्षा निर्देश
गढ़वा दक्षिणी वन क्षेत्र के डीएफओ इबिन बेनी अब्राहम ने कहा कि क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के संकेत स्पष्ट हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे मवेशियों को लेकर जंगल में न जाएं और अंधेरे के पहले घरों में रहें। बाघ द्वारा मवेशियों को जिस तरह से शिकार किया गया है, उससे यह संकेत मिलता है कि यह बाघ आसपास के इलाके में सक्रिय है।
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