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BURNT ALIVE IN KHAGARIA FIRE : खगड़िया में आग लगने से दो छोटे भाइयों की मौत, पिता गंभीर रूप से झुलसे

by Rakesh Pandey
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खगड़िया : बिहार के खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र के रोहियार बंगलिया गांव में रविवार को एक भीषण आग की घटना घटी, जिसमें दो मासूम बच्चों की झुलसकर मौत हो गई। आग के बीच फंसे बच्चों को बचाने की कोशिश में उनके पिता भी गंभीर रूप से झुलस गए। इस हादसे ने पूरे गांव को शोक और दर्द में डुबो दिया है।

घर में खाना बनाते वक्त भड़की चिंगारी

रविवार को सुबह में घर में खाना बनाने के दौरान चिंगारी भड़कने के कारण आग लग गई, तो यह आग देखते ही देखते गांव के आधा दर्जन घरों तक फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग संजय सिंह और अजय सिंह के घरों से शुरू हुई थी। आग की तेज लपटों में फंसे दो छोटे बच्चे, संदीप कुमार (5 साल) और सूरज कुमार (3 साल) अपनी जान गंवा बैठे।

पिता ने बच्चों को बचाने की कोशिश की

इस हृदयविदारक घटना में बच्चों के पिता संजय सिंह ने अपने बच्चों को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन आग की भयावहता के आगे उनकी एक न चली। वह गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्चों की मां की आंखों में आंसू थे, उन्होंने बताया कि ‘घर में आग लग गई थी और तीन-चार घरों में आग फैल गई थी। मेरा दोनों बेटा भी आग में जल गया है। एक की उम्र 5 साल थी और दूसरे की उम्र 3 साल थी’।

पालतू जानवरों को भी लगी आग

इस भीषण आग की चपेट में आने से करीब आधा दर्जन पालतू जानवर भी जलकर मर गए। आग के कारण तीन घर पूरी तरह से जलकर राख हो गए, जबकि अन्य कुछ घरों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। पूरे गांव में इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। इस घटना ने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया है और वे इस त्रासदी से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, आग लगने की वजहों की जांच भी की जा रही है। आग से हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन की ओर से सहायता की घोषणा की गई है।

अगलगी की घटनाओं में वृद्धि

खगड़िया जिले में बीते 15 दिनों में यह अगलगी की तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले भी जिले के कुछ हिस्सों में आग लगने की घटनाएं हुई थीं, लेकिन इस बार का हादसा सबसे भयंकर साबित हुआ। आग की वजह से न केवल संपत्ति का नुकसान हुआ है, बल्कि दो मासूम बच्चों की मौत ने एक परिवार को सदमे में डाल दिया है।

समाज में शोक और प्रशासन से राहत की उम्मीद

पूरे गांव में इस दर्दनाक घटना के बाद शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द राहत दी जाए। इस हादसे ने यह भी दिखाया कि अक्सर आग लगने की घटनाएं घरेलू चूल्हे या बिजली के उपकरणों के कारण होती हैं, इसलिए लोगों को इससे बचने के लिए अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

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