चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत चाईबासा जेल में बंद महिला कैदी तुलसी पुरती के पेट में पल रहे दो माह के बच्चे की मौत हो गई है। महिला की स्थिति खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मृत बच्चे का प्रसव कराया गया। इसके बाद महिला को जेल भेज दिया गया।इस मामले को लेकर जिला परिषद के सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है और आरोप लगाया है कि महिला के साथ मारपीट की गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों (27-28 अक्टूबर 2025) को चाईबासा में नो एंट्री लागू करने की मांग को लेकर आदिवासी समाज के लोग सड़क पर उतरे थे और जमकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने लाठी चलाई और दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस महिला को भी जेल भेजा गया था। इस घटना से अब एक बार फिर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
हेमंत सरकार के तानाशाही रवैए के कारण दो माह का गर्भ हुआ नुकसान : माधव
जिला परिषद के सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार के तानाशाही रवैए के कारण यह घटना हुई है। परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। शासन-प्रशासनिक की लापरवाही से एक बच्चा जो दुनिया में आने वाला था, उसकी मौत हो गई। यह बहुत ही दुखद है कि एक गर्भवती माता को जबरन जेल भेजा गया। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
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