मुंबई : मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने एक बड़ी तस्करी की साजिश का पर्दाफाश किया है। एक महिला, जो कि यूगांडा से मुंबई आई थी, को कस्टम अधिकारियों ने गिरफ्तार किया, जब यह पता चला कि उसने पेट में छिपाकर कोकीन की तस्करी की थी। यह मामला ड्रग्स की तस्करी की बढ़ती घटनाओं के बीच सामने आया है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है।

तस्करी का तरीका
जानकारी के अनुसार, महिला ने तस्करी के उद्देश्य से 84 गोलियों में कोकीन को छिपाकर पेट में छुपा लिया था। इन गोलियों को लेकर महिला मुंबई आई थी। कस्टम अधिकारियों को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे रोका गया और जांच शुरू की गई। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसने 84 गोलियों में कोकीन छुपाई है, जिनमें से 32 गोलियां निकाल दी गई हैं। हालांकि, बाकी गोलियां अभी तक उसके पेट में हैं और इन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है।
महिला को जे.जे. अस्पताल भेजा गया है, जहां उसका मेडिकल टेस्ट किया जाएगा और फिर आवश्यक इलाज शुरू किया जाएगा ताकि पेट से कोकीन बाहर निकाली जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया मेडिकल दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि महिला की जान को कोई खतरा न हो। इसके साथ ही, कस्टम विभाग अब उस व्यक्ति की तलाश कर रहा है, जिसने महिला को यह ड्रग्स दी थी और जिसे वह ड्रग्स की डिलीवरी देने वाली थी।
एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी की बढ़ती घटनाएं
हाल ही में, मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी की घटनाओं में इज़ाफा हुआ है। इसी क्रम में, एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने 10 फरवरी को बैंकॉक से मुंबई आ रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 8.155 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8.15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस घटनाक्रम ने फिर से यह साबित कर दिया है कि तस्करी की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सुरक्षा अधिकारियों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
पकड़े गए आरोपी
पकड़े गए आरोपियों के नाम एस.एम. वाधिया और एन.एच. रावल हैं। ये दोनों बैंकॉक से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर संदेह के आधार पर इनकी जांच की गई, और इनके सामान से हरे और सूखे पत्तियों जैसे पदार्थ के पैकेट मिले। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके पास जो सामग्री थी, वह गांजा है। बाद में जांच में यह पाया गया कि यह हाइड्रोपोनिक गांजा था। एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
बढ़ती सुरक्षा की जरूरत
एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी की घटनाओं में निरंतर वृद्धि के कारण कस्टम और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच प्रक्रिया को और सख्त किया है। वे हर यात्री और उनके सामान की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि ड्रग्स तस्करी को रोका जा सके। हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि ऐसे मामलों की रोकथाम की जा सके।
मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी की यह घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। कस्टम और सुरक्षा अधिकारियों की मेहनत और तत्परता की बदौलत इस मामले का खुलासा हुआ है, और तस्करी के प्रयासों को नाकाम किया गया है। आखिरकार, यह घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई बहुत महत्वपूर्ण हो गई है।
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