– संविधान-विरोधी, देशविरोधी शक्तियों को रोकने के लिए हिंदू राष्ट्र आवश्यक : रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिंदू जनजागृति समिति

पणजी (गोवा) : vaishvik hindu rashtra mahotsav: हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार चुनकर आने वाले जनप्रतिनिधि संसद में बैठकर देश की जनता के हितों की रक्षा करने वाले, तथा जनता को सुरक्षा प्रदान करने वाले कानून बनाते है, परंतु जिन्हें भारत का संविधान, संप्रभुता एवं कानून ही मान्य नहीं, ऐसे लोग संसद में जाने लगे, तो निश्चित ही भविष्य में इस संविधान को संकट निर्माण हो सकता है। इस लोकसभा चुनाव में पाकिस्तान के आई.एस.आई. से संबंध होने के आरोपित खालिस्तानी नेता अमृतपाल सिंह और कश्मीर में आतंकवादियों को धन की आपूर्ति करने के आरोप में बंदी बनाए गए ‘रशीद इंजीनियर’ जैसे लोग देशविरोधी और अलगाववादी कारागृह से चुनाव जीतकर आए हैं। तो दूसरी ओर, ‘गोवा की जनता पर संविधान बलपूर्वक थोपा गया है’, ऐसा कहते हुए गोमंतक के क्रांतिकारियों का अपमान करने वाले विरियातो फर्नांडिस का सांसद के रूप में चुनकर आना, इसे भारतीय लोकतंत्र की असफलता ही कहना होगा। ये बातें हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने शुक्रवार को कहीं।
पणजी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि देश की सुरक्षा का विचार करने पर, माता वैष्णो देवी के दर्शन को जाने वाले भक्तों की बस पर आतंकवादी आक्रमण से सामने आया है कि कश्मीर में आतंकवाद अब धीरे-धीरे हिंदू बहुल जम्मू की दिशा में बढ रहा है। पंजाब में खालिस्तानी आंदोलन सहित राष्ट्रविरोधी एवं विदेशी शक्तियां भारत को अस्थिर करने के लिए जोर-शोर से सक्रिय हो गई हैं। भारत के साथ पूरे विश्व के हिंदुओं पर आक्रमण बढ़ गए हैं, जयपुर में मुसलमान बहुल क्षेत्रों से हजारों हिंदुओं का पलायन हो रहा है। पश्चिम बंगाल में भी हिंदुओं और मंदिरों पर आक्रमण बढ़ गए हैं।
vaishvik hindu rashtra mahotsav: भारत की ओर देख रहा विश्व
रमेश शिंदे ने कहा कि वैश्विक स्तर पर विविध देशों में बढ़ते जानेवाले युद्ध और अस्थिरता की स्थिति को देखते हुए अनेक देश भारत की ओर आशा से देख रहे हैं, क्योंकि हिंदू धर्म एकमात्र ऐसा धर्म है, जो विश्वबंधुत्व की और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की संकल्पना सामने रखकर पूरे समाज को जोड़ सकता है और उसे एकजुट रख सकता है। इसलिए हिंदू राष्ट्र-स्थापना के कार्य को गति देने के लिए प्रतिवर्ष समान इस बार भी बारहवें ‘अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र अधिवेशन’ अर्थात ‘वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव’ का 24 से 30 जून 2024 तक ‘श्री रामनाथ देवस्थान’, फोंडा, गोवा में आयोजन किया जा रहा है।
पणजी के ‘हॉटेल मनोशांति’ में शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में हिंदू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस और ‘गोमंतक मंदिर महासंघ’ के गोवा प्रदेश सचिव जयेश थळी उपस्थित थे।
vaishvik hindu rashtra mahotsav: मंदिर संस्कृति की रक्षा की दिशा भी निर्धारित की जाएगी
‘सनातन संस्था’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस ने कहा, ‘सनातन धर्म की हो रही आलोचना का उत्तर देने के लिए, इसके साथ ही सनातन धर्म का गौरव बढ़ाने के लिए’ सनातन धर्मरक्षा अभियान चलाए गए। इस अधिवेशन से ‘सनातन धर्म की वैचारिक सुरक्षा’ पर चर्चा कर अगली दिशा निश्चित की जाएगी। इस समय ‘गोमंतक मंदिर महासंघ’ के गोवा राज्य सचिव जयेश थळी ने कहा, हिंदू अधिवेशन में निर्धारित ‘मंदिर संस्कृति की रक्षा’ की नीति के अनुसार ‘मंदिर महासंघ’ की ओर से महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक राज्य के 710 से अधिक मंदिरों में वस्त्रसंहिता (ड्रेस कोड) लागू किया गया है। इस अभियान को और बढ़ाया जाएगा तथा मंदिर संस्कृति की रक्षा की दिशा भी निर्धारित की जाएगी।
vaishvik hindu rashtra mahotsav:भारत पुनः एक बार ‘विश्वगुरु’ बनाने का ध्येय! : सद्गुरु नीलेश सिंगबाळ
इस अवसर पर हिंदू जनजागृति समिति के धर्म प्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने कहा कि ‘हिंदू राष्ट्र’ के मुद्दे पर न केवल भारत के स्तर पर, बल्कि वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है। पिछले दस-बारह वर्षों में देश के माहौल को देखते हुए विभिन्न देश यह भविष्यवाणी कर रहे हैं कि भारत हिंदू राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी मीडिया ने रामजन्मभूमि में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को ‘न्यू डिवाइन इंडिया’ कहा है। ‘नमस्ते करना’, ‘योग करना’, ‘संवाद’ आदि भारत की विशेषता का अनुसरण विदेश कर रहा है। अब इस वर्ष हमारे वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव का ध्येय है ‘भारत को विश्वगुरु बनाना’। इसलिए ‘अखिल भारतीय राष्ट्र सम्मेलन’ वास्तव में ‘वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव’ बन गया हिंदू है।
vaishvik hindu rashtra mahotsav:इन देशों के शामिल होंगे हिंदू प्रतिनिधि
सम्मेलन में अमेरिका से नीलेश नीलकंठ ओक, त्रिनिदाद एवं टोबैगो से स्वामी ब्रह्मस्वरूपानंद महाराजी, घाना से श्रीनिवास दास, नेपाल से शंकर खराल, त्रिलोक ज्योति श्रेस्ता, जगन्नाथ कोईराला, लक्ष्मण पंथी, संतोष शाह और इंडोनेशिया से धर्म यशा आएंगे। इस अधिवेशन के लिए अमेरिका, घाना, नेपाल, त्रिनिनाद एवं टोबॅगो आदि देशों सहित भारत के 26 राज्यों से 1000 से भी अधिक हिंदू संगठनों के 2000 से अधिक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर नर्मदाशंकरपुरी महाराज, भारत सेवाश्रम संघ के पूर्वोत्तर क्षेत्र के मुख्य संयोजक स्वामी साधनानंद महाराज, उत्तर प्रदेश के पावन चिंतन धारा आश्रम के पूज्य प्रा. पवन सिन्हा गुरुजी, इंदौर के महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद सरस्वती महाराज, ‘इंटरनेशनल वेदांत सोसाइटी’ के स्वामी निर्गुणानंदगिरी महाराज, छत्तीसगढ़ के श्रीरामबालकदास महात्यागी महाराज आदि संतों की वंदनीय उपस्थिति भी होगी।
vaishvik hindu rashtra mahotsav:हिंदू राष्ट्र स्थापना के लिए एक वर्ष का कार्यक्रम
इस वर्ष अधिवेशन में 24 से 26 जून तक ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ संपन्न हो रहा है । इसमें देशभर में सीधे सडकों पर उतरकर कार्य करने वाले हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। हिंदू राष्ट्र-स्थापना के लिए एक वर्ष का ‘समान कृति कार्यक्रम’ तय किया जाएगा। ‘हिंदू राष्ट्र विचारमंथन महोत्सव’ 27 जून को होगा। इसमें पूरे देश से वैचारिक स्तर पर हिंदू राष्ट्र के प्रति अलख जगाने वाले हिंदू विचारक, लेखक, व्याख्याता भाग लेंगे। 28 जून को ‘मंदिर संस्कृति सम्मेलन’ आयोजित किया गया है, जिसमें पूरे देश के मंदिरों के ट्रस्टी व पुजारी एक साथ आएंगे। मंदिर-संस्कृति की रक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं परिसंवाद आयोजित किए जाएंगे। ‘अधिवक्ता सम्मेलन’ 29 से 30 जून तक आयोजित किया जाएगा। इसमें हिंदू संगठनों तथा कार्यकर्ताओं पर हो रहे अत्याचारों के संदर्भ में कानूनी सहायता, विभिन्न आघातों के विरुद्ध न्यायालय में लडनेवाले कार्यकर्ता, वकील भाग लेंगे।
vaishvik hindu rashtra mahotsav:इन विद्वानों का होगा व्याख्यान
सम्मेलन में प्रमुख रूप से श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति के लिए, इसके साथ ही काशी की ज्ञानवापी मस्जिद के विरोध में न्यायालयीन लड़ाई देने वाले अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, रक्षा विशेषज्ञ आर.एन.एस. सिंह, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय, ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक’ के कार्याध्यक्ष रणजीत सावरकर, तेलंगाना के हिंदुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजा सिंह, ‘भारत माता की जय’ संगठन के सुभाष वेलिंगकर, भारत के पूर्व सूचना आयुक्त एवं ‘सेव कल्चर सेव भारत’ के संस्थापक उदय माहूरकर के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता, उद्योगपति, विचारक, लेखक, मंदिर न्यासी, इसके साथ ही अनेक समविचारी संगठनों के प्रतिनिधि व्याख्यान देंगे।
इंटरनेटी मीडिया पर होगा सीधा प्रसारण
इस अधिवेशन का सीधा प्रसारण हिंदू जनजागृति समिति के जालस्थल HinduJagruti.org द्वारा, इसके साथ ही समिति के ‘HinduJagruti’ इस ‘यू-ट्यूब’ चैनल और facebook.com/hjshindi1 इस ‘फेसबुक’ द्वारा भी किया जाएगा। पूरे विश्व के हिंदुत्वनिष्ठ इस ‘वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव’ का लाभ लें, ऐसा आवाहन हिंदू जनजागृति समिति की ओर से किया गया है।


