RANCHI: रांची के सीसीएल सभागार में शुक्रवार को विकसित भारत-2047 विषय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सह सांसद संजय सेठ और भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कु त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान नौसेना प्रमुख ने कहा कि विकसित भारत-2047 केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को 2047 के भारत का रचयिता बताते हुए कहा कि आज के युवा सिर्फ विकसित भारत के लाभार्थी नहीं, बल्कि उसके निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने विकास की प्रक्रिया को रिले रेस से जोड़ते हुए कहा कि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को विकास की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, जिसे युवाओं को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ाना होगा।
100 प्रतिशत साक्षरता हासिल करना संभव
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना और 100 प्रतिशत साक्षरता हासिल करना संभव है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की पहचान शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के वैश्विक केंद्र के रूप में होगी। उन्होंने सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि विकास के लिए आंतरिक और बाहरी सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। झारखंड को भगवान बिरसा मुंडा की धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य संघर्ष, बलिदान और आत्मनिर्भरता की मिसाल रहा है। आज ये राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है।
युवाओं से संवाद करना गर्व का विषय
कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसकी नौसेना प्रमुख ने सराहना की। अपने संबोधन में एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती जैसे विशेष अवसर पर रांची आकर युवाओं से संवाद करना गर्व का विषय है। उन्होंने इसके लिए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, स्कूली छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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