Ranchi : हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय चौबे ने झारखंड हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। इस याचिका पर शुक्रवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में हुई। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान विनय चौबे की ओर से वरीय अधिवक्ता आरएस मजूमदार ने अदालत में अपना पक्ष रखा। अदालत ने एसीबी को मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके बाद अगली सुनवाई में मामले पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विनय चौबे के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्ज शीट
गौरतलब है कि इस मामले में एसीबी पहले ही विनय चौबे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसी ने प्राथमिक जांच पूरी करने के बाद रांची एसीबी थाना में केस दर्ज किया था। जांच के दौरान एसीबी ने कई दस्तावेज और गवाहों के बयान भी जुटाए हैं। एसीबी की जांच में हजारीबाग वन भूमि से जुड़े कथित जमीन घोटाले में विनय चौबे की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार जमीन के अवैध हस्तांतरण और सौदे में कई लोगों की संलिप्तता पाई गई है।
मामले में 73 लोग बने हैं नामजद आरोपी
इस मामले में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह सहित कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। एसीबी का कहना है कि अब तक मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर यह मामला एक बड़े जमीन घोटाले के रूप में सामने आया है। एजेंसी इस पूरे मामले की आगे भी जांच कर रही है।
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