Chaibasa : कोल्हान प्रमंडल के मुख्यालय चाईबासा स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय के सभागार में सोमवार को प्रमंडल स्तरीय मुखिया सम्मेलन हुआ। इसमें ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भी शामिल हुईं। सम्मेलन में पश्चिमी सिंहभूम जिले से 217, पूर्वी सिंहभूम जिले से 231 और सरायकेला- खरसावां जिले से 132 मुखिया शामिल थे।
इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि कोल्हान के मुखिया अपने-अपने पंचायत में बेहतर कार्य कर रहे हैं। इससे हमारी अबुआ सरकार सशक्त हो रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह भी है, कि प्रमंडल के मुखिया एक-दूसरे की कार्यशैली को देखकर और प्रेरित होकर बेहतर कार्य करें।
राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून लागू कर दिया गया है, जिसका बहुत फायदा होगा।
पेसा कानून एक ब्रिज है
पेसा कानून एक ब्रिज है, जो पारंपरिक तौर-तरीकों को संविधान से जोड़ने का कार्य करेगा। पंचायत को दिए गए अनाबद्ध मद से गर्मी को देखते हुए खराब पड़े नलकूप, चापाकल की मरमत और राज्य योजना से प्राप्त होने वाले मद से पानी के टैंकर की व्यवस्था की जा सकती है।
सभी मुखिया अपने पंचायत में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को शत प्रतिशत लागू कराएं। इसके साथ ही अपने पंचायत मे आय के स्रोत भी विकसित करें।
पंचायत केंद्रों एवं पंचायत भवनों में आधार कार्ड निर्माण सहित विभिन्न जनोपयोगी सेवाएं प्रारंभ करने की दिशा में विभाग कार्यरत है। सम्मेलन में सांसद जोबा मांझी, जगन्नाथपुर के विधायक सोनाराम सिंकू, जिला परिषद की अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन, निदेशक पंचायती राज विभाग राजेश्वरी बी., उपायुक्त चंदन कुमार, उपविकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सविता टोपनो, अनुमंडल पदाधिकारी-सदर संदीप अनुराग टोपनो आदि भी उपस्थित रहे।

