नई दिल्ली : हर साल 3 जून को मनाया जाने वाला ‘विश्व साइकिल दिवस’ (World Bicycle Day) हमें याद दिलाता है कि हमारी जिंदगी की रफ्तार भले ही बढ़ गई हो, लेकिन हमें अपनी जड़ों से जुड़ना नहीं भूलना चाहिए — और साइकिल उसी जुड़ाव का एक साधन है। यह सिर्फ दो पहियों वाला वाहन नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली और स्वच्छ भविष्य की ओर बढ़ता कदम है।

फिटनेस का सस्ता, सरल और सटीक तरीका
आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग जिम और डाइटिंग पर हजारों खर्च कर देते हैं, जबकि साइकिलिंग एक ऐसी गतिविधि है जो दिल, दिमाग और शरीर तीनों को स्वस्थ रखती है।
- साइकिल चलाने से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।
- यह मोटापा घटाने में कारगर है।
- तनाव और चिंता को कम करने में मददगार।
- पैरों और मांसपेशियों की मजबूती बढ़ाता है।
- जोड़ों (joints) पर दबाव कम डालता है — इसलिए बुज़ुर्गों के लिए भी फायदेमंद।
पर्यावरण के लिए वरदान - साइकिल चलाना न सिर्फ हमें, बल्कि हमारी धरती को भी स्वस्थ बनाता है।
- साइकिल से कोई ध्वनि या वायु प्रदूषण नहीं होता।
- पेट्रोल-डीजल की खपत घटती है।
- ट्रैफिक और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।
- शहरों की हवा स्वच्छ और सांस लेने लायक बनी रहती है।
- संयुक्त राष्ट्र ने भी साइकिल को ‘सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट’ का प्रतीक माना है।
प्रेरणा बनते हैं प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कई मौकों पर साइकिल को समर्थन दिया है। 2022 में ‘माइ लाइफ, माई क्लाइमेट’ अभियान के तहत उन्होंने युवाओं से आह्वान किया था कि वे जीवनशैली में छोटे बदलाव करें। जैसे साइकिल चलाना — ताकि पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़े। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए वे अक्सर साइकिल चलाकर सरकारी दफ्तर जाया करते थे, ताकि जनता को सादगी और पर्यावरण जागरूकता का संदेश दे सकें।
अब हमें क्या करना चाहिए
- सप्ताह में कम से कम 3 दिन साइकिल चलाएं।
- बच्चों को बचपन से साइकिल का अभ्यास करवाएं।
- ऑफिस, स्कूल या बाजार जैसे नजदीकी स्थानों तक साइकिल से जाएं।
- कॉलोनियों और मोहल्लों में ‘साइकिल क्लब’ शुरू करें।
- पब्लिक प्लेसेज पर साइकिल पार्किंग की मांग करें।

