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नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा और भोग

मां चंद्रघंटा को विशेष रूप से दूध से बनी मिठाइयाँ और खीर अर्पित की जाती हैं। इसके अलावा, गुड़ और पीले रंग की मिठाइयाँ भी अर्पित करें।

by Rakesh Pandey
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नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि का पर्व 3 अक्टूबर से शुरू हो चुका है, और आज का दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप, मां चंद्रघंटा की पूजा का है। मां चंद्रघंटा को शांति, साहस और शक्ति की देवी माना जाता है। उनके मस्तक पर विराजमान अर्धचंद्र के कारण उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा है।

पूजा विधि
आज मां चंद्रघंटा की पूजा विधिपूर्वक करने का महत्व है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और ध्यान लगाएं। फिर, माता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें और दीपक जलाएं।

भोग अर्पित करें
मां चंद्रघंटा को विशेष रूप से दूध से बनी मिठाइयाँ और खीर अर्पित की जाती हैं। इसके अलावा, गुड़ और पीले रंग की मिठाइयाँ भी अर्पित करें। ये भोग मां के प्रति श्रद्धा और भक्ति को दर्शाते हैं।

भोग का लाभ
ज्योतिषियों के अनुसार, जो भक्त माता चंद्रघंटा को विशेष भोग अर्पित करते हैं, उनके मानसिक शांति, आत्मविश्वास में वृद्धि और जीवन की सभी कठिनाइयाँ दूर हो जाती हैं। इसके साथ ही, भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

मंत्र जाप
भोग अर्पित करने के बाद, माता के चमत्कारी मंत्रों का जाप करें। यह विश्वास किया जाता है कि इस विधि से मां चंद्रघंटा की कृपा सदैव बनी रहती है, और घर में सुख-शांति का वातावरण रहता है।

निष्कर्ष
इस नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करके भक्त अपनी जीवन की समस्याओं को दूर कर सकते हैं और मां का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। माता की कृपा से जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहेगी।

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