पटना/लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित होने वाला महाकुंभ जनवरी 2025 में प्रयागराज में शुरू होने जा रहा है। अब बिहार के नेताओं के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश के दो मंत्री राकेश सचान और दयाशंकर सिंह ने पटना में बिहार के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस ऐतिहासिक धार्मिक समागम के लिए निमंत्रण पत्र सौंपा।

मंत्रीद्वय ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महाकुंभ को भारत की सांस्कृतिक एकता का वैश्विक प्रतीक बनाने के लिए समर्पित है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महाकुंभ 2025 एक ऐतिहासिक आयोजन बने, जिसमें न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भागीदारी हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस महाकुंभ में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और इस आयोजन की भव्यता पिछले सभी महाकुंभों को पीछे छोड़ने वाली होगी। 45 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों, संतों, साधुओं, तपस्वियों और पर्यटकों के महाकुंभ में आने की उम्मीद जताई जा रही है।
महाकुंभ की तैयारी : सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण का ध्यान
उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ की तैयारी को लेकर काफी सावधानी बरती है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि महाकुंभ को एक स्वच्छ, स्वस्थ, सुरक्षित और डिजिटल आयोजन बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार महाकुंभ को ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसके तहत पर्यावरण के अनुकूल पेड़-पत्तों से बनी डिस्पोजेबल प्लेटों (दोना-पत्तल) की दुकानों को जगह-जगह लगाया जाएगा, ताकि प्लास्टिक का उपयोग कम से कम हो सके।
महाकुंभ के लिए पार्किंग व्यवस्था भी पहले से कहीं बेहतर होगी। परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि 101 स्मार्ट पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 5 लाख वाहनों की होगी। यह पार्किंग स्थल 1,867.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हुए हैं, जो 2019 में बनाए गए पार्किंग स्थल से 763.75 हेक्टेयर अधिक हैं। इससे पर्यटकों को पार्किंग की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनकी यात्रा सुखद बनी रहेगी।
लालू प्रसाद से मुलाकात, कुंभ के लिए विशेष निमंत्रण
महाकुंभ के महत्व को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने बिहार के नेताओं से भी संपर्क किया है। भाजपा नेताओं ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। राकेश सचान ने इस मुलाकात को लेकर कहा, ‘हमने योगीजी का निमंत्रण लालूजी को दिया है। बिहार के लोग हर साल बड़ी संख्या में कुंभ मेला आते हैं और हम चाहते हैं कि इस बार भी वे इस धार्मिक समागम का हिस्सा बनें’।
सचान ने यह भी बताया कि लालू प्रसाद यादव ने महाकुंभ के दौरान प्रयागराज (इलाहाबाद) आने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा, उन्होंने पूरी उम्मीद जताई कि लालूजी अपने परिवार के साथ इस आयोजन में शिरकत करेंगे। वहीं, जब उनसे तेजस्वी यादव के महाकुंभ में आने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि तेजस्वी यादव से मुलाकात नहीं हो पाई, क्योंकि वह उस वक्त शहर में नहीं थे, लेकिन उम्मीद है कि वह भी अपने परिवार के साथ महाकुंभ में पहुंचेंगे।
महाकुंभ 2025 : एक ऐतिहासिक अवसर
महाकुंभ एक ऐसा धार्मिक आयोजन है, जिसे विश्वभर में श्रद्धालुओं द्वारा बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। यह आयोजन न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय समाज की एकता और विविधता का भी प्रतीक है। 2025 का महाकुंभ अपनी भव्यता, सुविधा और पर्यावरणीय पहलुओं के कारण और भी विशेष होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह प्रयास है कि यह महाकुंभ न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा बने।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई तैयारी और बिहार के नेताओं से किए गए संवाद से यह स्पष्ट है कि महाकुंभ 2025 हर लिहाज से ऐतिहासिक होने वाला है और इसमें हर राज्य के नागरिकों की भागीदारी को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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