पॉलिटिकल डेस्क : वाईएसआर तेलंगाना पार्टी (YSR Telangana Party) की नेता वाई.एस. शर्मिला ने गुरुवार को अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई राजशेखर रेड्डी की बेटी शर्मिला एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और शीर्ष नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुईं। शर्मिला ने 2019 के चुनावों में वाईएसआरसीपी के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया था, मगर पार्टी की भारी जीत के साथ सत्ता में आने के बाद उन्हें दरकिनार कर दिया गया। 2021 में उन्होंने तेलंगाना की राजनीति में प्रवेश किया और वाईएसआरटीपी का गठन किया।

कौन हैं वाईएस शर्मिला?
वाईएस शर्मिला का जन्म साल 1974 में वाईएस राजशेखर रेड्डी और विजयम्मा के घर हुआ था। राजनीति उन्हें विरासत में मिली। दरअसल, शर्मिला के पिता राजशेखर रेड्डी अविभाजित आंध्र प्रदेश के सीएम रह चुके हैं। तब वह कांग्रेस में थे। साल 2009 में हुए हेलीकॉप्टर क्रैश में उनका निधन हो गया था। तत्कालीन सीएम के निधन के बाद जगन मोहन के बेटे वाईएस जगन मोहन को सीएम बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

जगन मोहन रेड्डी ने साल 2012 में अपनी नई पार्टी वाईएसआर कांग्रेस का गठन किया। कांग्रेस के कुछ विधायक भी इसमें शामिल हो गए। हालांकि, कुछ ही महीनों बाद जगन को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते जेल जाना पड़ा। उस वक्त मां विजयम्मा और बहन शर्मिला अपने भाई के साथ खड़ी रहीं।
राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखने का सपना
वाईएस शर्मिला कहा, “राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना, मेरे पिता का सपना था और मुझे खुशी है कि मैं इसे साकार करने में हिस्सा लेने जा रही हूं।” उन्होंने कहा, “तेलुगु लोगों के महान नेता डॉ वाई. एस. राजशेखर रेड्डी ने न केवल जीवन भर कांग्रेस पार्टी की सेवा की, बल्कि कांग्रेस पार्टी की सेवा में अपना जीवन भी दे दिया। आज उन्हें बहुत खुशी होगी कि उनकी बेटी उनके नक्शेकदम पर चल रही है और कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बनने जा रही है।”
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाई.एस.जगन मोहन रेड्डी की बहन शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस अभी भी देश की सबसे बड़ी धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने हमेशा भारत की सच्ची संस्कृति को बरकरार रखा और भारत के सभी वर्गों के लोगों को एकजुट करते हुए सभी समुदायों की अटूट सेवा की।”
YSR Telangana Party के कांग्रेस पार्टी में विलय की वजह
शर्मिला ने कहा कि वह मणिपुर में हुई क्रूरता से दुखी हैं। उन्होंने कहा, “दो हजार चर्चों को नष्ट कर दिया गया और 60,000 लोग बेघर हो गए। उन्हें लगा कि अगर कोई धर्मनिरपेक्ष पार्टी सत्ता में नहीं होगी तो यही होगा।” उन्होंने कहा, “इसलिए, मैं आज खुशी-खुशी YSR Telangana Party का कांग्रेस पार्टी में विलय कर रही हूं, क्योंकि मैं जानती हूं कि कांग्रेस पार्टी समाज के सभी वर्गों का समर्थन करेगी।” गौरतलब है कि राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से भारत के अधिकांश लोगों को बहुत विश्वास दिलाया।
उन्होंने दावा किया कि चूंकि कांग्रेस के पास तेलंगाना में जीतने की संभावना थी, इसलिए उन्होंने विनम्रतापूर्वक वाईएसआरटीपी को विधानसभा चुनाव लड़ने से रोक दिया, क्योंकि वह केसीआर विरोधी वोटों को विभाजित नहीं करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्होंने तेलंगाना में कांग्रेस की जीत में योगदान दिया।
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