
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में स्पॉन्सरशिप योजना से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल एवं जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं संलग्न दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के उपरांत निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करने वाले 145 योग्य बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।
बच्चों की शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य आवश्यकताओं को मिलेगा सहयोग
स्पॉन्सरशिप योजना मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित परिवार आधारित गैर-संस्थागत देखभाल की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसका उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में रह रहे एवं देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को उनके परिवार अथवा विस्तारित परिवार के साथ सुरक्षित वातावरण में रखते हुए उनकी शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं समुचित विकास की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। योजना का मूल उद्देश्य बच्चों को अनावश्यक रूप से संस्थागत देखभाल में जाने से बचाते हुए परिवार एवं समुदाय के बीच ही सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में उनके विकास को सुनिश्चित करना है।
प्रति बच्चे ₹4,000 प्रतिमाह की सहायता
मिशन वात्सल्य के तहत स्पॉन्सरशिप के लिए प्रति बच्चे ₹4,000 प्रतिमाह की सहायता का प्रावधान है। यह सहायता पात्र बच्चों की देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में परिवार को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से दी जाती है।
उपायुक्त मनीष कुमार ने बैठक में पात्र बच्चों को योजना का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जिले में कोई भी पात्र बच्चा अपने अधिकार एवं कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहे, यह जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को बच्चों के हित में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा योजना के लाभ की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा स्पॉन्सरशिप योजना के माध्यम से बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास को सुदृढ़ करते हुए उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक एवं बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

