
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र की गम्हरिया पंचायत स्थित रेला गांव में कारो नदी पार करने के दौरान एक ग्रामीण नदी की तेज धारा में बह गया। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी लापता व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस हादसे के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं कारो नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
लापता ग्रामीण की पहचान रेला गांव गिरजा टोली निवासी 42 वर्षीय याकूब अंगरिया के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, याकूब मंगलवार 6 अक्टूबर को लोहे की दाऊली बनवाने के लिए पास के लेबेंटा गांव स्थित एक लोहार के पास गया था। शाम को काम पूरा कर पैदल घर लौटते समय कारो नदी पार करते वक्त वह बीच मझधार में पानी के प्रचंड बहाव की चपेट में आ गया।घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा अपने स्तर से लगातार खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन गुरुवार तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है। लापता याकूब के परिवार में उनकी पत्नी और छह छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।ग्रामीणों ने बताया कि नदी पर पुल न होना इस क्षेत्र के लिए नासूर बन चुका है। महज दो हफ्ते पहले, 26 सितंबर को भी रेला गांव के समीप कारो नदी में डूबने से 28 वर्षीय मनाय सुरीन की जान चली गई थी, जिसका शव अगले दिन पराल गांव के स्कूल के पास मिला था।
क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को रोज जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ते ही खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से कारो नदी पर अविलंब पुल निर्माण की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं पर रोक लग सके।

