Home » इजराइल से है गहरी दोस्ती, फिलिस्तीन से भी है लगाव, जानें भारत में इस संघर्ष का क्या पड़ रहा है असर

इजराइल से है गहरी दोस्ती, फिलिस्तीन से भी है लगाव, जानें भारत में इस संघर्ष का क्या पड़ रहा है असर

by Rakesh Pandey
इजराइल से है गहरी दोस्ती फिलिस्तीन से भी है लगाव
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नई दिल्ली: इजराइल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष ने भारत के राजनीति और सामाजिक स्थिति की प्रभावित करने लगी है। इस संघर्ष के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन भी हो रहे हैं। साथ ही काफी लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अपनी बातें रख रहे हैं।

इस संघर्ष के कारण भारत के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समूहों के बीच विचार-विमर्श और आपसी आलोचना बढ़ रही है। इसके अलावा, भारत सरकार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष के प्रभावों का सामना भी करना पड़ रहा है।

इजराइल से है गहरी दोस्ती फिलिस्तीन से भी है लगाव

भारत सरकार ने दोनों के बीच शांति की बात की है। वहीं, भाजपा खुलकर इजराइल का सपोर्ट कर रही है। वहीं, मुस्लिम नेता और समुदाय के लोग फिलिस्तीन के सपोर्ट में दिख रहे हैं। हालांकि, भारत ने आतंकी हमलों की निंदा की है। इसके अलावा कांग्रेस की सीडब्लयूसी की बैठक में फिलिस्तीन के लोगों के जमीन, स्वशासन और गरिमा के साथ जीवन के अधिकारों की बात की गई।

एएमयू के स्टूडेंट्स ने हमास और फिलिस्तीन के समर्थन में निकाली रैली

इस संघर्ष को लेकर अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने हमास और फिलिस्तीन के समर्थन में रैली निकाली है। छात्रों के नारे और बैनर ने समझाया कि वे इस संघर्ष के प्रति कितने गंभीर हैं और उन्हें इसे समझने और समर्थन देने की आवश्यकता है। यह एक तरह का व्यक्तिगत और सामाजिक संकेत था कि भारत के कुछ छात्र इस संघर्ष को लेकर कितने संवादात्मक और जागरूक हैं। हालांकि, छात्रों की रैली को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रोका नहीं गया, यहां तक कि छात्रों को उनके विचार और स्वाधीनता का अधिकार दिया गया। वहीं, जेएनयू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के समूह ने भी फिलिस्तीन के लिए ‘स्वतंत्रता’ की मांग की है।

READ ALSO : सीएम धामी का फैसला, उत्तराखंड के सभी जिलों में मदरसों का होगा सत्यापन

Related Articles