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World Arthritis Day 2023: गठिया रोग को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, 2050 तक भयावह होगी स्थिति

by Rakesh Pandey
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हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली :  हर साल 12 अक्टूबर को विश्व गठिया दिवस मनाया जाता है। गठिया को अंग्रेजी में अर्थराइटिस के नाम से जानते हैं। ऐसे में आपको कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है। गठिया रोग की समस्या न सिर्फ भारत बल्कि विश्वभर में तेजी से बढ़ रही है। इस बीमारी को लेकर एक ताजा शोध सामने आया है जिसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली है। अमेरिका के वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आईएचएमई) की ओर से किए गए शोध में बताया गया है कि दुनिया भर में साल 2050 तक गठिया मरीजों की संख्या बढ़कर एक अरब हो जाएगी। यह शोध द लैंसेट रुमेटोलाजी जर्नल में प्रकाशित हुई है।

अभी कितने लोग गठिया रोग से ग्रस्त हैं?

शोध में कहा गया है कि साल 2020 में 59.5 करोड़ लोग गठिया रोग से ग्रस्त मिले हैं। जबकि वर्ष 1990 में गठिया रोगियों की संख्या 25.6 करोड़ थी। यानी 132 प्रतिशत बढ़ी है। यह आंकड़ा बढ़कर 2050 तक एक अरब होने की संभावना है।

भारत में क्या है स्थिति?

झारखंड के जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. एके वर्णवाल कहते हैं कि भारत में भी गठिया रोग तेजी से बढ़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में 1990 में गठिया रोगियों की संख्या 2.34 करोड़ थी जो 2020 में बढ़कर 6.23 करोड़ हो गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क व जागरूक होने की जरूरत है। भारत में लगभग 30 प्रतिशत लोग जोड़ों के दर्द से परेशान हैं।

गठिया दिवस 2023 की थीम

विश्व गठिया दिवस के मौके पर हर साल अलग-अलग थीम तय किया जाता है। इस बार का थीम ‘इट्स इन योर हैंड्स (It’s in your hands) है। यानी गठिया से बचना आपके अपने हाथों में है। लाइफस्टाइल में सुधार करके और कुछ बातों का ध्यान रखकर गठिया रोग से बचाव किया जा सकता है।

गठिया रोग क्या है?

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एके वर्णवाल कहते हैं कि गठिया को लेकर काफी ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। चूंकि, यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। गठिया एक या उससे अधिक या संयुक्त जोड़ों की सूजन को दर्शाता है। यह रोग घुटनों में दर्द और अकड़न पैदा कर देता है और आमतौर पर बुजुर्ग वर्ग में अधिक पाया जाता है, लेकिन अब कम उम्र में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है।

बीमारी बढ़ने का यह है मुख्य कारण

शोध में गठिया की बीमारी बढ़ने का मुख्य कारण जनसंख्या वृद्धि और मोटापे को बताया गया है। अध्ययन में कहा गया है कि अगर मोटापे पर कंट्रोल पा लिया गया तो 20 प्रतिशत मरीजों की संख्या में कमी आ सकती है। वहीं, युवाओं को अपने जीवन शैली में बदलाव करने को कहा गया है। अन्यथा यह बीमारी उनमें और भी तेजी से बढ़ेगी।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में समस्या अधिक

गठिया रोग पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होता है। वर्ष 2020 में गठिया के 61 प्रतिशत मामले महिलाओं में पाए गए थे जबकि 39 प्रतिशत पुरुष शिकार मिले थे। इस बीमारी का एक बड़ा कारण जेनेटिक (आनुवांशिक), शारीरिक बदलाव में अंतर व हार्मोनल भी है। हालांकि, इसपर भी शोध हो रहा है।

मुख्य रूप से सात तरह का होता गठिया

वैसे तो गठिया रोग के लगभग 100 से भी ज्यादा प्रकार हैं लेकिन मुख्य रूप से यह सात तरह का होता है, जिसके मरीज सबसे अधिक सामने आते हैं। इसमें ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis), रूमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis), गाउट (Gout), सेप्टिक आर्थराइटिस (Septic Arthritis), एंकिलोसिंग स्पान्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis), जुवेनाइल इडियोपेथिक आर्थराइटिस (Juvenile Idiopathic Arthritis) व रिएक्टिव आर्थराइटिस (Reactive Arthritis) शामिल हैं।

गठिया रोग के लक्षण क्या है?

– रात के समय में अचानक से जोड़ों का दर्द बढ़ जाना।
– सुबह सोकर उठने पर एक या अधिक जोड़ों में गंभीर दर्द होना।
– जोड़ों में गर्माहट महसूस होना और जोड़ों के ऊपर की त्वचा देखने में लाल या बैंगनी जैसी दिखना।
– जोड़ों में जलन होना या सूजन आना।

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गठिया रोग का इलाज क्या है?

गठिया रोग का इलाज कई तरह से किया जाता है लेकिन सबस अच्छा तरीका फिजियोथेरेपी को माना जाता है। फिजियोथेरेपी जोड़ों के उपचार का सबसे अच्छा तरीका है। इस दौरान कई तरह के थेरेपी दिया जाता है। हालांकि, मरीजों की स्थिति देखने के बाद डॉक्टर प्रत्यारोपण भी करते हैं।

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