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लग्जरी होटल की तरह होगा इस ट्रेन में सफर, 2030 तक बदल जाएंगी सभी पुरानी ट्रेनें

by Rakesh Pandey
रेलवे ट्रेनों में लगायेगा अतिरिक्त कोच
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नई दिल्ली : भारत सरकार रेल सफर को आसान व बेहतर बनाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। अब एक नए प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है जिसका लाभ फरवरी से लोगों को मिलने लगेगी। जी हां। दरअसल, रेल मंत्रालय वंदे भारत ट्रेन के स्लीपर संस्करण पर तेजी से काम कर रहा है। इस ट्रेन को निर्धारित समय से तीन माह पूर्व यानी फरवरी से मार्च के बीच शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे लेकर रात-दिन कार्य चल रहा है। यह ट्रेन राजधानी से अधिक सुविधाजनक होगी। साथ ही इसमें सफर करते लक्त आपको लग्जरी होटल की तरह महसूस होगा। सफर के दौरान आपको पता भी नहीं चलेगा और आपकी स्टेशन आ जाएगी। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को तैयार किया जा रहा है।
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2030 तक बदल जाएंगी सभी पुरानी ट्रेनें/ प्लेन की तरह यात्रा होगी सहज-सुगम

भारतीय रेलवे को तेजी से अपडेट किया जा रहा है। वंदे भारत ट्रेन के स्लीपर संस्करण में आपको प्लेन की तरह सहज व सुगम महसूस होगा। वहीं, रेलवे ने वर्ष 2030 तक सभी ट्रेनों को वंदे भारत में बदलने का निर्णय लिया है। इस योजना पर कार्य तेज गति से चल रही है। वंदे भारत ट्रेन के स्लीपर संस्करण में कई सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिससे आपको सफर के दौरान लग्जरी होटल की तरह महसूस होगा।
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सभी बोगियों में फ्लोर लाइटिंग की व्यवस्था होगी
नई ट्रेनों के सभी बोगियों में फ्लोर लाइटिंग की व्यवस्था होगी। वंदे भारत के स्लीपर संस्करण में कुल 16 डिब्बे होंगे, जिसमें एसी थ्री की 11, एसी टू की चार एवं एसी फर्स्ट की एक बोगी होगी। इस ट्रेन में एक बार में कुल 887 लोग सफर कर सकेंगे।
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प्रदूषित हवा से भी बचाव होगी
वंदे भारत के स्लीपर संस्करण में प्रदूषण का भी खास ध्यान रखा गया है। इस ट्रेन में वायरस को रोकने के लिए अल्ट्रावायलेट एयर फ्यूरिफायर लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रदूषित हवा को फिल्टर किया जा सकेगा। आनबोर्ड वाईफाई व ऑटोमेटिक ओपेन डोर की सुविधा होगी। इसके साथ ही इस ट्रेन में गार्ड कंपार्टमेंट एवं लगेज बॉक्स के साथ डाग बॉक्स भी होगा। प्रत्येक बोगी में तीन-तीन बायो-वैक्यूम शौचालय के साथ एक मिनी पेंट्री होगी।
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आग लगते ही दूसरे बोगी में चल जाएगा पता
ट्रेन में आग लगने की शिकायतें अक्सर आपको सुनने को मिलती है। इससे कई बार यात्रियों को भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ता है लेकिन अब एक अच्छी बात यह है कि ट्रेन के किसी भी बोगी में अगर आग लगेगी तो पूरे ट्रेन के बोगी में सवार यात्रियों को इसकी जानकारी मिल जाएगी। इस ट्रेन में ऐसा सिस्टम विकसित की गई है। अच्छी बात यह भी है कि इस ट्रेन को 100 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक से बनाई जा रही है। यहां तक की इसका डिजाइन भी अपना है। इस ट्रेन में स्लीपर बर्थ से आपका सिर भी नहीं टकराएगा।
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तैयार की जा रही है 200 अत्याधुनिक ट्रेनें
यात्रियों की सफर सहज व सुगम बनाने के लिए भारत सरकार 26 हजार करोड़ रुपये खर्च कर 200 वंदे भारत के स्लीपर संस्करण का निर्माण करा रही है। यह ट्रेन पूरी तरह से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। हालांकि, इस ट्रेन की बाहरी रंग कैसा होगा यह अभी तक तय नहीं हो सका है। स्लीपर संस्करण की पहली ट्रेन बनाने का काम चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री एवं रेलवे बोर्ड के साथ मिलकर भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) कंपनी कर रही है। यह ट्रेन इसी वित्त वर्ष में चलने लग जाएगी।
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ब्रेक सिस्टम कभी नहीं होगा फेल
अभी तक ट्रेन में ब्रेक फेल होने की घटनाएं लगातार सामने आते रही है लेकिन अब रेलवे ने एक ऐसा सिस्टम विकसित किया है जिससे ब्रेक कभी फेल नहीं होगा। वंदे भारत के स्लीपर संस्करण को इस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इस सिस्टम को फ्रिक्शन ब्रेक कहते हैं, जो विश्वस्तरीय होगा। इसमें ब्रेक एक सेकेंड के भीतर काम करना शुरू कर देगा।
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मैट्रो की तरह होगा दरवाजा
इस ट्रेन का दरवाजा मैट्रो की तरह काम करेगा। स्टेशन पर ट्रेन के दरवाजा अपने आप खुल जाएगा। जबकि ट्रेन खुलने से पूर्व ही बंद भी हो जाएगा। ऐसे में जहां-तहां बाहरी लोग इस ट्रेन में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

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