Jamshedpur Gangster case: Jamshedpur : देहरादून में जिस विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या की गई है, वह वहां का बड़ा कारोबारी माना जाता था। देहरादून में कोई नहीं जानता कि विक्रम शर्मा का जुड़ाव झारखंड (Vikram Sharma biography) में अपराध जगत से था। देहरादून में उसका स्टोन क्रशर और प्रॉपर्टी का बिजनेस था। देहरादून में हुई हत्या की इस घटना के बाद जमशेदपुर में लोगों के दिमाग में विक्रम शर्माा का नाम एक बार फिर कौंध गया है। बताया जा रहा है कि अखिलेश सिंह विक्रम शर्मा को अपना गुरु मानता था। विक्रम शर्मा इधर बीच कई मामलों में बरी हो गया था। इसके बाद उसकी पहचान सफेदपोश के रूप में होने लगी थी। विक्रम शर्मा के संबंध झारखंड ही नहीं उत्तराखंड के बड़़े-बड़े नेताओं और अधिकारियों से थे। विक्रम शर्मा सत्संग भी करने लगा था।
होटल कारोबारी की हत्या में आया था नाम
सोनारी के आशियाना में रहने वाले होटल कारोबारी व ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या हुई थी। इसके अलावा, विक्रम शर्मा और अखिलेश सिह भी इस मामले में नामजद हुए थे। इस मामले की जांच सीआइडी ने भी की थी। मगर, यह खुफिया एजेंसी इस हत्याकांड में सुबूत नहीं जुटा पाई।
इसके बाद हत्यारोपी बरी हो गए थे। विक्रम शर्मा अपने गिरोह के बदमाशों को मार्शल आर्ट सिखाता था। बताते हैं कि अखिलेश सिंह भी उसके पास मार्शल आर्ट सीखने जाता था। यहीं से अखिलेश सिंह विक्रम शर्मा का शागिर्द बना था। अखिलेश को अशोक शर्मा के कारोबार से भी जोड़ लिया गया था।
पुलिस व नेताओं से भी विक्रम शर्मा के ताल्लुकात

विक्रम शर्मा झारखंड के पुलिस अधिकारियों से जान-पहचान थी। हाल ही में उसने मीडिया के क्षेत्र में भी कदम रख दिया था। इस तरह पुलिस, राजनीति और प्रेस की जुगलबंदी से विक्रम शर्मा का कारोबार आगे बढ़ रहा था। तभी देहरादून में शुक्रवार आज उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने झारखंड में हलचल मचा दी है।
अपने संस्थान में बुला कर सुना था कृष का गाना

कृष का गाना सुनेगा। ले बेटा। यह जुमला तो आपने सुना होगा। यह सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ था। गाना सुनाने वाला युवक जमशेदपुर के बागबेड़ा का रहने वाला पिंटू प्रसाद है। उस समय विक्रम शर्मा जमशेदपुर में था। विक्रम शर्मा ने पिंटु प्रसाद को सोनारी स्थित अपने कार्यालय में बुलाया था और कृष का गाना लाइव सुनने के बाद पिंटू को कभी नशा नहीं करने की हिदायत दी थी।
Akhilesh Singh Gang : आशीष हत्याकांड में हो गया था बरी
विक्रम शर्मा को जमशेदपुर के गैंगस्टर अखिलेश सिंह का गुरु माना जाता था। विक्रम शर्मा और अखिलेश सिंह ने मिलकर इस लौह नगरी में अपराध का ग्राफ टॉप पर पहुंचा दिया था। शहर के बड़े कारोबारियों, डॉक्टरों आदि की हत्या में इनके नाम शामिल थे। जमशेदपुर के बहुचर्चित श्री लेदर ग्रुप के मालिक आशीष डे की 2 नवंबर 2007 को हत्या के मामले में भी विक्रम शर्मा का नाम आया था। आशीष डे हत्याकांड में विक्रम शर्मा पर घटना की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था।

घटना के बाद से ही विक्रम शर्मा फरार हो गया था। 10 साल बाद विक्रम शर्मा की देहरादून से गिरफ्तारी हुई थी। उसने जमशेदपुर से फरार होने के बाद अपने शहर देहरादून को अपना अड्डा बनाया था। यहां उसने प्रॉपर्टी का काम बड़े पैमाने पर शुरू किया था। आशीष डे हत्याकांड में जेल जाने के बाद विक्रम शर्मा तीन साल तक जेल में रहा था। बाद में हाई कोर्ट से उसे जमानत मिली थी। विक्रम शर्मा की शहर में तूती बोलती थी।
आशीष डे हत्याकांड में विक्रम शर्मा को नौ जून 2022 को बरी कर दिया गया था। इस मामले में आशीष डे की पत्नी समेत छह लोगों की गवाही हुई थी। विक्रम शर्मा को कोर्ट ने बरी तो किया था। लेकिन, अमलेश सिंह, विनोद सिंह और पप्पू डान समेत अन्य को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी। बाद में अमलेश सिंह और विनोद सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। विक्रम शर्मा का नाम टाटा स्टील के पूर्व सुरक्षा पदाधिकारी रहे जयराम सिंह की हत्या के मामले में भी आया था। जयराम सिंह की हत्या (Jayaram Singh murder ) साकची में 4 अक्टूबर साल 2008 को बागे जमशेद के पास गोली मारकर हुई थी। इस मामले में भी पुलिस ने अखिलेश सिंह के साथ विक्रम शर्मा को भी आरोपी बनाया था।

Jharkhand Organized Crime : विक्रम शर्मा से जुड़ी घटनाएं
–2 नवंबर साल 2007 को साकची के आम बागान के पास श्री लेदर के मालिक आशीष डे की हत्या
— 15 मार्च 2008 को साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग।
— 20 मार्च 2008 को साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर फायरिंग
— 16 मई साल 2008 को साकची में श्री लेदर के मालिक के घर पर फायरिंग
— 25 जुलाई 2008 को बिष्टुपुर में कांग्रेसी नेता नट्टू झा के कार्यालय पर फायरिंग
— 17 अगस्त 2008 को बर्मामाइंस में परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह की ससुराल पर फायरिंग
— 28 अगस्त 2008 को साकची में ठेकेदार रणजीत सिंह पर फायरिंग
— 17 सितंबर 2008 को एमजीएम अस्पताल मोड़ पर परमजीत सिंह पर फायरिंग
— 4 अक्टूबर 2008 को बागे जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या
— साल 2008 में बिष्टुपुर में कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या।
Read Also- Breaking : देहरादून में जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह के गुरु विक्रम शर्मा की हत्या

